रांची, 04 सितंबर: झारखंड में तेजी से बढ़ते शहरीकरण और शहरों पर बढ़ते दबाव को देखते हुए राज्य सरकार अब रांची के साथ-साथ अन्य शहरीकृत जिलों में भी सैटेलाइट टाउनशिप विकसित करने की दिशा में आगे बढ़ रही है। मुख्यमंत्री हेमंत सोरेन ने अधिकारियों को इस संबंध में संभावनाओं का समग्र अध्ययन कर ठोस कार्ययोजना तैयार करने का निर्देश दिया है।
मुख्यमंत्री ने झारखंड मंत्रालय में ग्रेटर रांची डेवलपमेंट अथॉरिटी और रांची स्मार्ट सिटी परियोजना से जुड़े भूमि एवं शहरी विकास के विभिन्न मुद्दों की समीक्षा की। बैठक में भविष्य की आबादी, शहरों के विस्तार और आधुनिक शहरी आधारभूत संरचना को लेकर विस्तार से चर्चा हुई।
सरकार की योजना के तहत राज्य के अन्य शहरीकृत जिलों में सैटेलाइट टाउनशिप की संभावनाएं तलाशते समय उपलब्ध भूमि, सड़क एवं परिवहन कनेक्टिविटी, आधारभूत सुविधाओं, नागरिक सुविधाओं, रोजगार की संभावनाओं और भविष्य की आबादी को ध्यान में रखा जाएगा। इसके आधार पर संबंधित जिलों के लिए कार्ययोजना तैयार की जाएगी।
सैटेलाइट टाउनशिप का उद्देश्य बड़े शहरों पर बढ़ते आवासीय और यातायात दबाव को कम करना तथा आसपास के क्षेत्रों में योजनाबद्ध तरीके से आवास, बाजार, शिक्षा, स्वास्थ्य, परिवहन और अन्य नागरिक सुविधाएं विकसित करना है।
बैठक में रांची स्मार्ट सिटी के विस्तार की कार्ययोजना तैयार करने पर भी जोर दिया गया। मुख्यमंत्री ने कहा कि राज्य में शहरी विकास केवल राजधानी तक सीमित नहीं रहना चाहिए। अन्य प्रमुख शहरों को भी सुनियोजित, आधुनिक और बेहतर नागरिक सुविधाओं से युक्त बनाने की दिशा में काम किया जाना चाहिए।
इसके अलावा शहरों को जोनवार विभाजित कर आबादी और स्थानीय जरूरतों के अनुरूप विकास की योजना बनाने पर भी जोर दिया गया। सड़क निर्माण के साथ वैज्ञानिक ड्रेनेज सिस्टम को भी अनिवार्य रूप से शामिल करने का निर्देश दिया गया है।
फिलहाल सरकार ने किसी विशेष जिले या शहर में सैटेलाइट टाउनशिप की अंतिम घोषणा नहीं की है। पहले संभावित क्षेत्रों का अध्ययन और व्यवहार्यता के आधार पर कार्ययोजना तैयार की जाएगी।