कक्षाओं में शिक्षक बने उपायुक्त ऋतुराज, विद्यार्थियों से पूछे पाठ्यक्रम आधारित सवाल

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बनखेता, दोहाकातू व छत्तरमांडू के सरकारी स्कूलों का औचक निरीक्षण; 10 दिनों में कमियां दूर करने का निर्देश

रामगढ़, 04 सितंबर: जिले में सरकारी विद्यालयों में शिक्षा की गुणवत्ता और आधारभूत सुविधाओं की स्थिति का जायजा लेने के लिए उपायुक्त ऋतुराज ने गुरुवार को तीन राजकीय विद्यालयों का औचक निरीक्षण किया। उन्होंने राजकीय उत्क्रमित उच्च विद्यालय बनखेता (हरेटोला), राजकीय उत्क्रमित उच्च विद्यालय दोहाकातू और राजकीय उत्क्रमित उच्च विद्यालय छत्तरमांडू पहुंचकर पठन-पाठन, स्मार्ट क्लास, खेलकूद, गार्डनिंग, मध्याह्न भोजन समेत विद्यालयी अभिलेखों की स्थिति की जांच की।

निरीक्षण के दौरान उपायुक्त का अलग अंदाज देखने को मिला। वे सीधे कक्षाओं में पहुंचे और शिक्षक की भूमिका निभाते हुए विद्यार्थियों से संवाद किया। उन्होंने पाठ्यक्रम से संबंधित प्रश्न पूछकर बच्चों की पढ़ने, समझने और विषयगत दक्षता का आकलन किया। उपायुक्त ने विद्यार्थियों को नियमित रूप से विद्यालय आने, अनुशासन बनाए रखने और लक्ष्य निर्धारित कर मेहनत करने के लिए प्रेरित किया।

उन्होंने विद्यालयों में संचालित स्मार्ट क्लास की भी समीक्षा की और निर्देश दिया कि डिजिटल माध्यम से होने वाली पढ़ाई का लाभ सभी विद्यार्थियों को नियमित रूप से मिले। खेल परिसर का निरीक्षण करते हुए उन्होंने बच्चों के शारीरिक और मानसिक विकास के लिए नियमित खेल गतिविधियां आयोजित करने पर जोर दिया। विद्यालय परिसर को स्वच्छ और हरा-भरा रखने के लिए गार्डनिंग तथा पौधरोपण को बढ़ावा देने का भी निर्देश दिया।

उपायुक्त ने मध्याह्न भोजन की गुणवत्ता की जांच करते हुए बच्चों को निर्धारित रोस्टर के अनुसार ताजा, पौष्टिक और गुणवत्तापूर्ण भोजन उपलब्ध कराने का निर्देश दिया। निरीक्षण के दौरान उपस्थिति समेत विभिन्न पंजियों के संधारण में त्रुटियां भी सामने आईं।

वहीं, रेल परियोजना और प्रोजेक्ट इंपैक्ट के तहत परीक्षाओं के संचालन तथा विद्यार्थियों के प्रदर्शन में पाई गई कमियों पर उपायुक्त ने नाराजगी जताई। संबंधित प्रभारी शिक्षकों से स्पष्टीकरण मांगते हुए उन्हें शो-कॉज किया गया। उन्होंने जिला शिक्षा पदाधिकारी अभय कुमार को विद्यालयों के आधारभूत ढांचे में सुधार, अभिलेखों की त्रुटियों को दूर कराने और शैक्षणिक वातावरण बेहतर बनाने के निर्देश दिए।

उपायुक्त ने शिक्षकों को पाठ्यक्रम निर्धारित समय सीमा में पूरा कराने तथा अर्धवार्षिक परीक्षाएं समय पर आयोजित कराने को कहा। निरीक्षण में मिली सभी कमियों को 10 दिनों के भीतर दूर कर अनुपालन प्रतिवेदन प्रस्तुत करने का सख्त निर्देश दिया गया।