ACF-FRO नियुक्ति रद्द करने के सरकार के आदेश पर रोक से हाईकोर्ट का इनकार, राज्य से मांगा जवाब

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रांची,25 अगस्त: झारखंड हाईकोर्ट ने असिस्टेंट कंजरवेटर ऑफ फॉरेस्ट (ACF) और फॉरेस्ट रेंज ऑफिसर (FRO) की वर्ष 2024 से चल रही नियुक्ति प्रक्रिया को रद्द करने के राज्य सरकार के फैसले पर फिलहाल रोक लगाने से इनकार कर दिया है। न्यायमूर्ति दीपक रोशन की अदालत में सोमवार को इस मामले से जुड़ी दो याचिकाओं पर सुनवाई हुई। अदालत ने राज्य सरकार से जवाब दाखिल करने को कहा है। मामले की अगली सुनवाई 24 सितंबर को होगी।

याचिकाकर्ताओं ने सरकार के उस आदेश को चुनौती दी है, जिसके तहत ACF और FRO की नियुक्ति प्रक्रिया रद्द की गई है। सुनवाई के दौरान याचिकाकर्ताओं की ओर से दलील दी गई कि सरकार ने हाल में JSSC-CGL, JPSC की 11वीं से 13वीं सिविल सेवा परीक्षा और CDPO समेत कुछ अन्य नियुक्तियों को रद्द करने का आदेश दिया था, लेकिन उन मामलों में हाईकोर्ट ने अंतरिम राहत दी है। इसी आधार पर ACF-FRO नियुक्ति प्रक्रिया को रद्द करने वाले आदेश पर भी रोक लगाने की मांग की गई।

राज्य सरकार की ओर से महाधिवक्ता रोहताश राय ने अदालत के समक्ष सरकार का पक्ष रखा। रिपोर्ट के मुताबिक, सरकार ने CID जांच में सामने आए तथ्यों के आधार पर उन नियुक्ति परीक्षाओं और प्रक्रियाओं पर कार्रवाई की है, जिनमें TSR Data Processing Private Limited की भूमिका रही थी। सरकार ने वर्ष 2014 से अब तक हुई विभिन्न नियुक्ति परीक्षाओं में संभावित अनियमितताओं की जांच कराने की भी बात कही है।

सरकार की अधिसूचना के अनुसार कुल 22 परीक्षाओं को रद्द, छह परीक्षाओं की नियुक्ति प्रक्रिया को फिलहाल स्थगित तथा 17 परीक्षाओं और उनसे संबंधित नियुक्तियों को जांच के दायरे में रखा गया है। ACF और FRO मामले में हाईकोर्ट के सोमवार के आदेश के बाद अब राज्य सरकार को अपना जवाब दाखिल करना होगा।

फिलहाल अदालत ने नियुक्ति प्रक्रिया रद्द करने के सरकारी आदेश पर अंतरिम रोक नहीं लगाई है। इसलिए अगली सुनवाई तक इस मामले में अभ्यर्थियों की नजर हाईकोर्ट की आगे की कार्रवाई पर रहेगी।