विशेष कैंप लगाकर रैयतों को जल्द मिलेगा लंबित मुआवजा, डीसी ने दिए निर्देश

Spread the News

रामगढ़, 25 अगस्त: समाहरणालय स्थित सभा कक्ष में सोमवार को उपायुक्त ऋतुराज की अध्यक्षता में जिला भू-अर्जन कार्यालय के कार्यों की समीक्षा बैठक हुई। बैठक में एनएचएआई, भारतमाला परियोजना, चुटूपालू घाटी, बरलांगा-कसमार, ललकीघाटी और एनएच-33 (मांडू) से जुड़ी भूमि अधिग्रहण प्रक्रिया, वंशावली सत्यापन और रैयतों के लंबित मुआवजा भुगतान की बिंदुवार समीक्षा की गई।

समीक्षा के दौरान उपायुक्त ने लंबित मुआवजा मामलों के त्वरित निष्पादन के लिए संबंधित क्षेत्रों में विशेष कैंप लगाने का निर्देश दिया। उन्होंने कहा कि कैंप के माध्यम से रैयतों की समस्याओं का मौके पर ही समाधान किया जाए, ताकि उन्हें उनके अधिकार का लाभ जल्द मिल सके।

डीसी ने रैयतों की वंशावली, भू-स्वामित्व प्रमाण-पत्र सहित अन्य जरूरी दस्तावेजों का मौके पर सत्यापन कराने और प्रक्रिया पूरी होने के बाद मुआवजा राशि सीधे उनके बैंक खातों में भुगतान सुनिश्चित करने का निर्देश दिया।

उन्होंने चुटूपालू घाटी और ललकीघाटी में सड़क सुरक्षा एवं चौड़ीकरण, एनएच-33 (मांडू), बरलांगा-कसमार तथा भारतमाला परियोजनाओं से संबंधित भू-अर्जन, सीमांकन और अन्य बाधाओं का शीघ्र समाधान करने को कहा। साथ ही पथ निर्माण विभाग एवं संबंधित कार्यकारी एजेंसियों को भू-अर्जन प्रक्रिया पूरी होते ही निर्माण कार्य में तेजी लाने और परियोजनाओं को निर्धारित समय-सीमा में गुणवत्तापूर्ण तरीके से पूरा करने का निर्देश दिया।

उपायुक्त ने स्पष्ट किया कि विकास परियोजनाओं को गति देना और प्रभावित रैयतों को समय पर उचित मुआवजा व अन्य लाभ उपलब्ध कराना जिला प्रशासन की प्राथमिकता है। भू-अर्जन और मुआवजा भुगतान में अनावश्यक विलंब पाए जाने पर संबंधित अधिकारियों एवं कर्मियों की जिम्मेदारी तय कर कार्रवाई की जाएगी।

बैठक में जिला भू-अर्जन पदाधिकारी, पथ निर्माण विभाग एवं एनएचएआई के प्रतिनिधि, संबंधित अंचलाधिकारी तथा भू-अर्जन शाखा के कर्मी मौजूद रहे।