JPSC-JSSC नियुक्ति विवाद पर सुप्रीम कोर्ट सख्त, सरकार समेत कई पक्षों को नोटिस

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सीबीआई जांच की मांग वाली याचिका पर हुई सुनवाई, केंद्र-राज्य सरकार, JPSC, JSSC समेत अन्य से मांगा जवाब

रांची, 25 अगस्त: झारखंड में सरकारी नियुक्तियों और प्रतियोगी परीक्षाओं में कथित अनियमितताओं का मामला अब सुप्रीम कोर्ट पहुंच गया है। सुप्रीम कोर्ट ने JPSC और JSSC के माध्यम से हुई कथित नियुक्तियों में गड़बड़ी की स्वतंत्र जांच की मांग को लेकर दायर याचिका पर सोमवार को केंद्र सरकार, झारखंड सरकार, झारखंड लोक सेवा आयोग (JPSC), झारखंड कर्मचारी चयन आयोग (JSSC) समेत अन्य प्रतिवादियों को नोटिस जारी किया है।

मामले की सुनवाई मुख्य न्यायाधीश सूर्यकांत, न्यायमूर्ति जॉयमाल्या बागची और न्यायमूर्ति वी. मोहना की पीठ ने की। याचिका सामाजिक कार्यकर्ता हरिशरण देवगन की ओर से दायर की गई है। याचिकाकर्ता ने कथित नियुक्ति घोटाले की जांच सीबीआई से कराने अथवा सुप्रीम कोर्ट के किसी पूर्व न्यायाधीश की निगरानी में स्वतंत्र जांच कराने की मांग की है।

याचिका में विशेष रूप से JPSC की विज्ञापन संख्या 01/2026 के तहत 19 अप्रैल 2026 को आयोजित झारखंड संयुक्त असैनिक सेवा प्रारंभिक प्रतियोगी परीक्षा 2025 की निष्पक्षता, पारदर्शिता और विश्वसनीयता पर सवाल उठाए गए हैं। याचिकाकर्ता ने अदालत से मामले में तत्काल हस्तक्षेप की मांग की है।

याचिका में आरोप लगाया गया है कि झारखंड में विभिन्न नियुक्तियों में गंभीर अनियमितताएं हुई हैं। कथित तौर पर पैसे के लेन-देन के जरिए अयोग्य अभ्यर्थियों को लाभ पहुंचाने और सरकारी पदों पर नियुक्ति कराने के आरोप भी लगाए गए हैं। हालांकि, ये आरोप याचिका में लगाए गए हैं और इन पर अंतिम न्यायिक निष्कर्ष अभी नहीं आया है।

याचिका से जुड़े विवरण में कहा गया है कि सीआईडी जांच के दौरान सामने आई जानकारी के आधार पर सरकार ने 22 नियुक्तियां रद्द की हैं, जबकि छह नियुक्ति प्रक्रियाओं को स्थगित किया गया है। इसके अलावा पहले हो चुकी 17 नियुक्तियों को भी कथित गड़बड़ी की आशंका के चलते जांच के दायरे में शामिल किए जाने की बात सामने आई है।

याचिकाकर्ता का कहना है कि मामले की कथित व्यापकता को देखते हुए केवल राज्य स्तर पर जांच पर्याप्त नहीं है। इसी आधार पर सीबीआई जैसी केंद्रीय एजेंसी से स्वतंत्र और समयबद्ध जांच कराने की मांग की गई है। याचिका में राज्य सरकार, केंद्र सरकार, सीबीआई, सीआईडी, JPSC और JSSC को प्रतिवादी बनाया गया है।

JPSC की परीक्षाओं और नियुक्तियों को लेकर झारखंड हाईकोर्ट में भी मामला चल रहा है। आकाशवाणी की रिपोर्ट के अनुसार, हाईकोर्ट ने राज्य सरकार के JPSC परीक्षा रद्द करने के फैसले पर रोक लगाई है और सरकार को 15 सितंबर तक अपना जवाब दाखिल करने का निर्देश दिया है। ऐसे में भर्ती परीक्षाओं को लेकर सुप्रीम कोर्ट और हाईकोर्ट, दोनों स्तरों पर कानूनी लड़ाई जारी है।

सुप्रीम कोर्ट की ओर से नोटिस जारी होने के बाद अब केंद्र और झारखंड सरकार सहित अन्य प्रतिवादियों का पक्ष सामने आएगा। इस मामले में अगली सुनवाई के दौरान सरकार के जवाब और अदालत के रुख पर अभ्यर्थियों की नजर रहेगी। फिलहाल सुप्रीम कोर्ट ने केवल नोटिस जारी किया है; सीबीआई जांच का अंतिम आदेश अभी नहीं हुआ है।