रांची, 22 अगस्त: JPSC-JSSC की भर्ती परीक्षाओं में कथित अनियमितताओं और पारदर्शिता की मांग को लेकर शुक्रवार को रांची में JPSC-JSSC रिफॉर्म मंच के पुतला दहन कार्यक्रम के दौरान जमकर हंगामा हुआ। मोरहाबादी मैदान स्थित बापू वाटिका से छात्र मुख्यमंत्री हेमंत सोरेन का पुतला लेकर पैदल मार्च करते हुए अल्बर्ट एक्का चौक की ओर बढ़ रहे थे। इसी दौरान कुछ लोगों के भीड़ में घुसने और पुतला छीनकर भागने की घटना से विवाद बढ़ गया।
रिफॉर्म मंच से जुड़े छात्रों का आरोप है कि पुतला छीनने वाले लोग झामुमो कार्यकर्ता थे। छात्रों के मुताबिक, एक महिला अभ्यर्थी के हाथ से पुतला छीनने की कोशिश की गई और कथित तौर पर उसका दुपट्टा खींचने का भी प्रयास हुआ। इस दौरान अन्य अभ्यर्थियों ने एक युवक को पकड़ लिया और पुलिस के हवाले कर दिया। हालांकि, झामुमो की ओर से इन आरोपों की पुष्टि इस रिपोर्ट में नहीं हुई है।
हंगामे के बाद पुलिस-प्रशासन ने विधि-व्यवस्था को देखते हुए अल्बर्ट एक्का चौक पर पुतला दहन की अनुमति नहीं दी। पुलिस ने प्रदर्शनकारियों को शहीद चौक के रास्ते वापस मोरहाबादी भेज दिया। बाद में अभ्यर्थियों ने शहीद चौक के पास प्रतीकात्मक रूप से मुख्यमंत्री का पुतला दहन किया और भर्ती परीक्षाओं में सुधार व पारदर्शिता की मांग दोहराई।
गौरतलब है कि JPSC-JSSC परीक्षा विवाद को लेकर छात्र लंबे समय से आंदोलन कर रहे हैं। आंदोलनकारियों की प्रमुख मांगों में कथित अनियमितताओं की निष्पक्ष जांच, भर्ती प्रक्रिया में पारदर्शिता और दोषियों पर कार्रवाई शामिल रही है। इससे पहले भी रांची में छात्रों ने मुख्यमंत्री हेमंत सोरेन, कांग्रेस नेता राहुल गांधी और राजद नेता तेजस्वी यादव के पुतले जलाकर विरोध जताया था।
घटना को लेकर राजनीतिक प्रतिक्रिया भी सामने आई है। भाजपा नेता बाबूलाल मरांडी ने रांची समेत अन्य स्थानों पर छात्रों के साथ कथित मारपीट की घटनाओं की आलोचना करते हुए सरकार पर छात्रों के खिलाफ दमनात्मक कार्रवाई का आरोप लगाया। उन्होंने पुलिस-प्रशासन से मामले में शामिल लोगों की पहचान कर कार्रवाई करने की मांग की।
वहीं, छात्रों का कहना है कि उनका आंदोलन भर्ती प्रक्रिया को निष्पक्ष और पारदर्शी बनाने की मांग को लेकर है और वे अपनी मांगों के समाधान तक सरकार पर दबाव बनाए रखेंगे। पूरे घटनाक्रम के बीच पुलिस प्रशासन ने भीड़ और कानून-व्यवस्था को नियंत्रित करने के लिए प्रदर्शनकारियों को निर्धारित मार्ग से वापस भेजा।