JSSC-CGL समेत 22 भर्ती परीक्षाएं रद्द होने पर छात्रों ने निकाली आभार यात्रा

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रांची, 20 अगस्त: झारखंड में भर्ती परीक्षाओं में कथित अनियमितताओं के खिलाफ लंबे समय से चल रहे छात्र आंदोलन के बीच सरकार द्वारा जेएसएससी-सीजीएल समेत 22 प्रतियोगी परीक्षाओं को रद्द किए जाने के बाद बुधवार को रांची में छात्रों ने आभार यात्रा निकाली। छात्र नेता देवेंद्र नाथ महतो के नेतृत्व में निकली यह यात्रा जयपाल सिंह मुंडा स्टेडियम से शुरू होकर अल्बर्ट एक्का चौक तक पहुंची।

आभार यात्रा के दौरान छात्रों ने सरकार के फैसले को अपने आंदोलन की बड़ी जीत बताया। छात्र नेता देवेंद्र नाथ महतो ने कहा कि लंबे समय तक चले सत्याग्रह और 16 दिनों की भूख हड़ताल के बाद सरकार ने भर्ती परीक्षाओं को लेकर महत्वपूर्ण कदम उठाए हैं। उन्होंने 22 परीक्षाओं को रद्द किए जाने को भ्रष्टाचार के खिलाफ बड़ी कार्रवाई बताया।

सरकार के फैसले के तहत जेएसएससी-सीजीएल परीक्षा के अलावा आउटसोर्स एजेंसी टीएसआर डाटा प्रोसेसिंग प्राइवेट लिमिटेड (TDPL) द्वारा कराई गई परीक्षाओं और उनसे संबंधित प्रकाशित परिणामों को भी रद्द किया गया है। सरकार ने भर्ती परीक्षा व्यवस्था में सुधार के लिए वरिष्ठ आईएएस अधिकारी अमिताभ कौशल की अध्यक्षता में परीक्षा सुधार समिति गठित करने का निर्णय लिया है।

छात्रों का आंदोलन करीब 26 दिनों तक चला। आंदोलन के दौरान अभ्यर्थियों ने जेपीएससी और जेएसएससी की भर्ती परीक्षाओं में कथित गड़बड़ियों की जांच, परीक्षाओं को रद्द करने और पारदर्शी भर्ती व्यवस्था की मांग उठाई थी। सरकार के फैसले के बाद आंदोलन को फिलहाल स्थगित किया गया है। छात्रों ने सरकार को अपनी अन्य मांगों पर कार्रवाई के लिए दो महीने का समय भी दिया है।

छात्र नेताओं के अनुसार, सरकार के फैसले का असर कुल 45 परीक्षाओं पर पड़ा है। इनमें 22 परीक्षाएं रद्द की गई हैं, जबकि अन्य परीक्षाओं को लेकर जांच और स्थगन की कार्रवाई की गई है। छात्रों ने कहा कि उनका संघर्ष केवल परीक्षा रद्द कराने तक सीमित नहीं है, बल्कि भविष्य में भर्ती परीक्षाओं को पूरी तरह पारदर्शी और भ्रष्टाचारमुक्त बनाने के लिए है।

आभार यात्रा के दौरान छात्रों ने सरकार के निर्णय के प्रति धन्यवाद जताते हुए कहा कि यह आंदोलन युवाओं के अधिकार और निष्पक्ष भर्ती व्यवस्था की लड़ाई है। हालांकि, छात्र नेताओं ने यह भी स्पष्ट किया कि यदि तय समय में उनकी शेष मांगों पर ठोस कार्रवाई नहीं हुई तो आंदोलन फिर शुरू किया जा सकता है।

आंदोलन के प्रमुख चेहरों में रहे देवेंद्र नाथ महतो ने भर्ती प्रक्रिया में सुधार के लिए स्थायी निगरानी व्यवस्था, भर्ती प्रक्रिया के पूर्ण ऑडिट तथा भविष्य में पेपर लीक और अन्य अनियमितताओं को रोकने के लिए आवश्यक कानूनी प्रावधान करने की मांग भी दोहराई।