रांची, 10 अगस्त: झारखंड लोक सेवा आयोग में रविवार को अचानक बड़ा घटनाक्रम सामने आया। आयोग के तीन सदस्यों अजीता भट्टाचार्य, अनीमा हांसदा और जमाल अहमद ने अपने पदों से इस्तीफा दे दिया। तीनों ने अपना त्यागपत्र राज्यपाल संतोष कुमार गंगवार को भेजा है। यह घटनाक्रम ऐसे समय हुआ है, जब JPSC की परीक्षाओं में कथित गड़बड़ियों और प्रश्नपत्र लीक के आरोपों को लेकर राज्य में छात्रों का आंदोलन जारी है।
बताया जा रहा है कि JPSC के पूर्व अध्यक्ष एल. खियांग्ते के इस्तीफे के बाद आयोग के तीनों सदस्यों का पद छोड़ना सामने आया है। परीक्षा संबंधी अनियमितताओं की जांच कर रही CID ने इन सदस्यों को पूछताछ के लिए नोटिस भी जारी किया था। मीडिया रिपोर्टों के मुताबिक, अजीता भट्टाचार्य से CID की पूछताछ सोमवार को प्रस्तावित थी। इसी बीच तीनों सदस्यों के इस्तीफे ने मामले को और गंभीर बना दिया है।
JPSC की परीक्षाओं में कथित अनियमितताओं को लेकर पिछले कई दिनों से छात्र आंदोलन कर रहे हैं। आंदोलनरत अभ्यर्थी परीक्षा प्रक्रिया में पारदर्शिता, कथित गड़बड़ियों की निष्पक्ष जांच और दोषियों पर कार्रवाई समेत कई मांगों को लेकर सरकार पर दबाव बना रहे हैं। रविवार को तीन सदस्यों के इस्तीफे की खबर सामने आने के बाद आंदोलन के बीच राजनीतिक और प्रशासनिक हलकों में भी हलचल तेज हो गई है।
तीनों सदस्यों के एक साथ इस्तीफा देने का घटनाक्रम ऐसे समय सामने आया है, जब सरकार और छात्रों के बीच वार्ता के बावजूद आंदोलन पूरी तरह समाप्त नहीं हुआ है। छात्र 10 अगस्त को विधानसभा घेराव की तैयारी में जुटे हैं। ऐसे में JPSC के तीन सदस्यों का इस्तीफा छात्रों के आंदोलन और आयोग की कार्यप्रणाली को लेकर चल रही बहस को और धार दे सकता है।
हालांकि, तीनों सदस्यों ने इस्तीफा देने के पीछे अपनी ओर से कोई विस्तृत सार्वजनिक कारण बताया है या नहीं, यह स्पष्ट होना अभी बाकी है। इसलिए इस्तीफे को सीधे तौर पर CID की जांच से जोड़कर निष्कर्ष निकालना जल्दबाजी होगी। फिलहाल इतना स्पष्ट है कि इस्तीफे और CID की प्रस्तावित पूछताछ के बीच समय-क्रम ने JPSC प्रकरण को नया मोड़ दे दिया है।
आगे की नजर: अब राज्यपाल द्वारा इस्तीफों पर औपचारिक निर्णय, आयोग में रिक्त पदों की स्थिति और CID की जांच में सामने आने वाले तथ्यों पर सबकी निगाहें रहेंगी।