पटना, 08 अगस्त: बिहार में प्रतियोगी परीक्षाओं में कथित धांधली की जांच कर रही आर्थिक अपराध इकाई (EOU) को पूछताछ के दौरान बड़ा खुलासा हुआ है। BPSC की सहायक शिक्षा विकास पदाधिकारी (AEDO) परीक्षा पेपर लीक मामले में मुंबई स्थित भाभा परमाणु अनुसंधान केंद्र (BARC) से गिरफ्तार तकनीकी सहायक रौशन कुमार पर कई प्रतियोगी परीक्षाओं में सेटिंग कराने का आरोप सामने आया है। EOU के अनुसार, नालंदा के नूरसराय निवासी रौशन ने पूछताछ में NEET-UG 2023 समेत करीब आधा दर्जन परीक्षाओं में गड़बड़ी कराने की बात स्वीकार की है।
जांच एजेंसी के मुताबिक, रौशन का नेटवर्क केवल BPSC की AEDO परीक्षा तक सीमित नहीं था। उसके खिलाफ NEET-UG 2023, केंद्रीय चयन पर्षद की रेडियो ऑपरेटर परीक्षा, मद्य निषेध परीक्षा, बिहार तकनीकी सेवा आयोग की अमीन बहाली परीक्षा और झारखंड CGL परीक्षा में भी कथित तौर पर गड़बड़ी कराने की जानकारी सामने आई है। EOU अब इन मामलों में उसके नेटवर्क और संपर्कों की पड़ताल कर रही है।
जांच के अनुसार, AEDO परीक्षा में एक महिला अभ्यर्थी को पास कराने के लिए रौशन और उसके सहयोगियों ने कथित तौर पर 25 लाख रुपये में सौदा किया था। इसके लिए फर्जी बायोमेट्रिक आईडी तैयार कर गिरोह के सदस्यों को परीक्षा केंद्र में प्रवेश दिलाने की कोशिश की गई। आरोप है कि परीक्षा केंद्र के भीतर छिपाकर रखी गई आंसर-की अभ्यर्थी तक पहुंचाई गई थी।
EOU का कहना है कि रौशन स्वयं भी AEDO परीक्षा का परीक्षार्थी था और उसका परीक्षा केंद्र मोतिहारी में था। जांच में उसके द्वारा बायोमेट्रिक स्टाफ के जरिए कथित तौर पर सेटिंग कराने की बात सामने आई है। भागलपुर में भी गिरोह द्वारा ब्लूटूथ के माध्यम से परीक्षा केंद्र के अंदर अभ्यर्थियों तक उत्तर पहुंचाने का प्रयास किए जाने का आरोप है।
पूछताछ में 2023 की NEET-UG परीक्षा को लेकर भी चौंकाने वाली जानकारी सामने आई है। EOU के अनुसार, रौशन ने अपने सहयोगी आकाश कुमार के साथ मिलकर कथित तौर पर एक अभ्यर्थी की जगह स्कॉलर बैठाकर उसे परीक्षा पास कराने में मदद की थी। जांच एजेंसी अब उस अभ्यर्थी की पहचान और पूरे नेटवर्क का पता लगाने में जुटी है। कई ऑनलाइन परीक्षा केंद्रों से जुड़े कथित सेटिंग के साक्ष्य भी जांच टीम को मिलने की बात कही गई है।
मामले की जांच में आर्थिक लेन-देन का एक और पहलू सामने आया है। EOU के मुताबिक, रौशन के सहयोगी आकाश ने AEDO परीक्षा में चार से अधिक अभ्यर्थियों की सेटिंग की थी। अमीन बहाली परीक्षा में भी दो अभ्यर्थियों को कथित तौर पर पास कराने के बदले 3.5-3.5 लाख रुपये की रकम बकाया थी। इसी रकम की वसूली के लिए दोनों अभ्यर्थियों के अपहरण की साजिश रचे जाने का भी आरोप है।
इस मामले में EOU ने रौशन के सहयोगी आकाश कुमार को भी गिरफ्तार किया है। पूछताछ के बाद दोनों आरोपितों को न्यायिक हिरासत में भेज दिया गया है। जांच एजेंसी अब कथित गिरोह से जुड़े अन्य लोगों, परीक्षार्थियों और पैसों के लेन-देन की कड़ियों को खंगाल रही है।
रौशन की BARC में दिसंबर 2024 में नियुक्ति हुई थी और वर्तमान में वह प्रशिक्षण प्राप्त कर रहा था। EOU के अनुसार, वह पिछले करीब चार-पांच वर्षों से प्रतियोगी परीक्षाओं में कथित सेटिंग के जरिए अभ्यर्थियों को पास कराने के नेटवर्क से जुड़ा था और उसके संपर्क कई राज्यों तक फैले होने की जांच की जा रही है।यह खबर 8 अगस्त 2026 की उपलब्ध ताजा रिपोर्ट पर आधारित है; आरोपों की अंतिम पुष्टि अदालत में साक्ष्यों और न्यायिक प्रक्रिया के आधार पर होगी।