रांची, 6 अगस्त 2026: झारखंड में जेपीएससी और जेएसएससी परीक्षाओं में कथित अनियमितताओं के खिलाफ चल रहे छात्र आंदोलन में एक महत्वपूर्ण मोड़ आ गया। छात्र नेता और झारखंड लोकतांत्रिक क्रांतिकारी मोर्चा के केंद्रीय उपाध्यक्ष देवेंद्र नाथ महतो ने बुधवार को सामाजिक कार्यकर्ता सोनम वांगचुक की वीडियो कॉल पर की गई अपील के बाद अपना वॉटर फास्ट तोड़ दिया। हालांकि, उन्होंने स्पष्ट किया कि भोजन ग्रहण नहीं करेंगे और भूख हड़ताल जारी रखेंगे।
महतो 2 अगस्त से रांची के जयपाल सिंह मुंडा स्टेडियम में अनिश्चितकालीन आमरण अनशन पर बैठे थे। वे पानी तक का त्याग कर चुके थे। स्वास्थ्य बिगड़ने और डॉक्टरों की चेतावनी के बाद वांगचुक ने उनसे बात की और पानी पीने की सलाह दी। वांगचुक ने कहा कि पानी न पीना आत्महत्या के समान है। महतो ने उनकी अपील मानते हुए पानी और नमक ले लिया।
बातचीत के दौरान महतो ने वांगचुक से रांची आने और आंदोलन का समर्थन करने का आग्रह भी किया। उन्होंने कहा, “मैं सिर्फ पानी लूंगा। जब तक सरकार हमारी मांगें नहीं मानेगी, भोजन नहीं लूंगा।”
छात्रों की मुख्य मांगों में 14वीं जेपीएससी प्रारंभिक परीक्षा रद्द करना, जेपीएससी-जेएसएससी में कथित गड़बड़ियों की सीबीआई और ईडी जांच तथा भर्ती प्रक्रिया में पूर्ण पारदर्शिता शामिल है। आंदोलन 25 जुलाई से सत्याग्रह के रूप में शुरू हुआ था और 29 जुलाई से स्टेडियम में धरना जारी है।
महतो के साथ अन्य अभ्यर्थी भी अनशन पर बैठे हैं। छात्रों ने चेतावनी दी है कि मांगें पूरी नहीं होने पर 7 अगस्त को विधानसभा घेराव करेंगे। महतो को इस आंदोलन में ‘झारखंड का सोनम वांगचुक’ कहा जा रहा है।