फर्जी शिक्षक पात्रता प्रमाणपत्र पर कसा शिकंजा, सीतामढ़ी में तीन नियोजित शिक्षकों पर प्राथमिकी दर्ज

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सीतामढ़ी, 02 अगस्त: बिहार में फर्जी शिक्षक पात्रता प्रमाणपत्र के आधार पर नौकरी पाने वाले शिक्षकों के खिलाफ शिक्षा विभाग और निगरानी अन्वेषण ब्यूरो की कार्रवाई लगातार तेज होती जा रही है। इसी क्रम में सीतामढ़ी जिले के रुन्नीसैदपुर प्रखंड में तीन नियोजित शिक्षकों के खिलाफ संबंधित थाने में प्राथमिकी दर्ज कराई गई है। जांच में इन शिक्षकों के शिक्षक पात्रता प्रमाणपत्र फर्जी पाए जाने के बाद कानूनी कार्रवाई शुरू की गई है।

शिक्षा विभाग के अधिकारियों के अनुसार, निगरानी अन्वेषण ब्यूरो, पटना द्वारा किए गए सत्यापन में तीनों शिक्षकों के प्रमाणपत्र अमान्य पाए गए। इसके बाद विभाग ने संबंधित नियोजन इकाई को इन शिक्षकों को चयनमुक्त की प्रक्रिया शुरू करने का निर्देश दिया है। साथ ही उनके विरुद्ध विधिसम्मत कार्रवाई भी की जा रही है।

राज्य सरकार ने स्पष्ट किया है कि फर्जी प्रमाणपत्रों के आधार पर सरकारी नौकरी हासिल करने वालों के खिलाफ किसी भी स्तर पर नरमी नहीं बरती जाएगी। शिक्षा विभाग पूरे राज्य में नियुक्त शिक्षकों के प्रमाणपत्रों का सत्यापन करा रहा है और जहां भी अनियमितता सामने आ रही है, वहां प्राथमिकी दर्ज करने के साथ सेवा समाप्त करने की कार्रवाई की जा रही है। हाल के महीनों में हजारों संदिग्ध मामलों की जांच और बड़ी संख्या में शिक्षकों के विरुद्ध कार्रवाई की प्रक्रिया शुरू की गई है।

शिक्षा विभाग ने सभी जिलों के अधिकारियों को निर्देश दिया है कि प्रमाणपत्र सत्यापन की प्रक्रिया में तेजी लाई जाए, ताकि फर्जी दस्तावेजों के आधार पर नियुक्ति पाने वाले शिक्षकों की पहचान कर शिक्षा व्यवस्था की पारदर्शिता और गुणवत्ता सुनिश्चित की जा सके।