नई दिल्ली, 01 अगस्त: वर्ष 2020 के उत्तर-पूर्वी दिल्ली दंगों के दौरान इंटेलिजेंस ब्यूरो के अधिकारी अंकित शर्मा की हत्या के बहुचर्चित मामले में कड़कड़डूमा कोर्ट ने शुक्रवार को पूर्व पार्षद ताहिर हुसैन समेत पांच दोषियों को आजीवन कारावास की सजा सुनाई। अदालत ने इस अपराध को अत्यंत जघन्य बताते हुए कहा कि यह घटना समाज को झकझोर देने वाली थी।
अतिरिक्त सत्र न्यायाधीश ने पूर्व में 13 जुलाई को ताहिर हुसैन, नाजिम, काशिम, अनस और जावेद को हत्या, अपहरण, दंगा, गैरकानूनी जमावड़ा तथा विभिन्न समुदायों के बीच वैमनस्य फैलाने सहित कई गंभीर धाराओं में दोषी ठहराया था। वहीं, साक्ष्यों के अभाव में 11 आरोपियों में से छह को बरी कर दिया गया था।
सजा सुनाते समय अदालत ने माना कि यह वारदात बेहद क्रूर थी और इसका समाज पर गहरा प्रभाव पड़ा। हालांकि अभियोजन पक्ष ने इस मामले को “दुर्लभतम में दुर्लभ” बताते हुए दोषियों के लिए मृत्युदंड की मांग की थी, लेकिन अदालत ने कहा कि उपलब्ध तथ्यों के आधार पर सुधार की संभावना से पूरी तरह इनकार नहीं किया जा सकता। इसलिए दोषियों को आजीवन कारावास की सजा दी गई।
गौरतलब है कि फरवरी 2020 में उत्तर-पूर्वी दिल्ली में भड़के सांप्रदायिक दंगों के दौरान आईबी अधिकारी अंकित शर्मा लापता हो गए थे। अगले दिन उनका शव चांदबाग क्षेत्र के एक नाले से बरामद हुआ था। पोस्टमार्टम रिपोर्ट में उनके शरीर पर अनेक गंभीर चोटों के निशान पाए गए थे। यह मामला दिल्ली दंगों से जुड़े सबसे चर्चित मामलों में शामिल रहा है।