रांची, 30 जुलाई: झारखंड की बहुचर्चित शराब नीति से जुड़े कथित अनियमितता मामले में भ्रष्टाचार निरोधक ब्यूरो ने जांच तेज कर दी है। जांच के क्रम में ACB ने पूर्व उत्पाद आयुक्त समेत तीन वरिष्ठ अधिकारियों को नोटिस जारी कर पूछताछ के लिए तलब किया है। अधिकारियों से शराब नीति के निर्माण, उसके क्रियान्वयन और उससे जुड़े प्रशासनिक निर्णयों के संबंध में विस्तृत जानकारी मांगी गई है।
ACB के अनुसार, जांच के दौरान प्राप्त दस्तावेजों और साक्ष्यों के आधार पर अधिकारियों की भूमिका की पड़ताल की जा रही है। एजेंसी यह जानने का प्रयास कर रही है कि शराब नीति लागू करने की प्रक्रिया में कहीं नियमों की अनदेखी या वित्तीय अनियमितता तो नहीं हुई। इसी कड़ी में संबंधित अधिकारियों को नोटिस जारी कर अपना पक्ष रखने को कहा गया है।
गौरतलब है कि इस मामले में पहले भी कई अधिकारियों और निजी एजेंसियों से जुड़े लोगों से पूछताछ हो चुकी है। ACB का दावा है कि जांच निष्पक्ष तरीके से आगे बढ़ रही है और उपलब्ध साक्ष्यों के आधार पर आगे की कार्रवाई की जाएगी। जांच के दायरे में शराब नीति से जुड़े प्रशासनिक फैसले, निविदा प्रक्रिया और अन्य वित्तीय पहलुओं की भी समीक्षा की जा रही है।
सूत्रों के अनुसार, यदि पूछताछ और दस्तावेजी जांच में किसी प्रकार की अनियमितता या जवाबदेही तय होती है, तो संबंधित अधिकारियों के खिलाफ आगे कानूनी कार्रवाई भी की जा सकती है। ACB ने फिलहाल मामले की जांच जारी होने का हवाला देते हुए विस्तृत टिप्पणी करने से परहेज किया है।