युवा राष्ट्र निर्माण के सबसे बड़े वाहक हैं, अपनी ऊर्जा से बदल सकते हैं देश का भविष्य : डॉ. शशांक कुलकर्णी
रामगढ़, 18 जुलाई। राधा गोविन्द विश्वविद्यालय एवं राधा गोविन्द इंटर कॉलेज में शनिवार को “युवा राष्ट्र निर्माता” विषय पर एक प्रेरणादायी व्याख्यान का आयोजन किया गया। कार्यक्रम में बड़ी संख्या में विद्यार्थियों, शिक्षकों एवं गणमान्य अतिथियों ने भाग लिया। वक्ताओं ने युवाओं को राष्ट्र निर्माण में अपनी सक्रिय एवं सकारात्मक भूमिका निभाने का आह्वान किया।
कार्यक्रम के मुख्य वक्ता केंद्रीय विश्वविद्यालय झारखंड (रांची) के राजनीति विज्ञान एवं लोक प्रशासन विभाग के डॉ. शशांक कुलकर्णी ने अपने संबोधन में कहा कि राष्ट्र निर्माण में युवाओं की भूमिका सबसे महत्वपूर्ण है। युवा अपनी ऊर्जा, नवाचार, नेतृत्व क्षमता और सकारात्मक सोच के माध्यम से देश को नई दिशा प्रदान कर सकते हैं। उन्होंने विद्यार्थियों से ज्ञान, अनुशासन और सामाजिक उत्तरदायित्व को जीवन का आधार बनाने का आग्रह किया।
निजी आईटी संस्थान के निदेशक संजीत कुमार ने कहा कि सशक्त, जागरूक और संस्कारवान युवा ही विकसित एवं आत्मनिर्भर भारत की मजबूत नींव रख सकते हैं। उन्होंने युवाओं को तकनीकी दक्षता के साथ नैतिक मूल्यों को भी अपनाने की सलाह दी। कार्यक्रम में समाजसेवी सत्यम एवं सुमित भी उपस्थित रहे।
विश्वविद्यालय के कुलाधिपति बी. एन. साह ने अपने शुभकामना संदेश में युवाओं से राष्ट्रहित में कार्य करने, सामाजिक उत्तरदायित्व निभाने तथा नैतिक मूल्यों के साथ आगे बढ़ने का आह्वान किया।
इस अवसर पर विश्वविद्यालय की सचिव प्रियंका कुमारी, कुलपति प्रो. (डॉ.) रश्मि, कुलसचिव प्रो. (डॉ.) निर्मल कुमार मंडल, वित्त एवं लेखा पदाधिकारी डॉ. संजय कुमार, परीक्षा नियंत्रक प्रो. (डॉ.) अशोक कुमार तथा प्रबंध समिति सदस्य अजय कुमार उपस्थित रहे।
राधा गोविन्द इंटर कॉलेज की ओर से प्राचार्य सोमा पाण्डेय, सभी शिक्षक-शिक्षिकाएं तथा बड़ी संख्या में छात्र-छात्राएं कार्यक्रम में शामिल हुए।
कार्यक्रम का संचालन विश्वविद्यालय के शिक्षा विभाग के डॉ. अमरेश पांडेय एवं राधा गोविन्द इंटर कॉलेज के रंजीत गोप ने संयुक्त रूप से किया। अंत में उपस्थित विद्यार्थियों एवं प्रतिभागियों को राष्ट्र निर्माण में सक्रिय योगदान देने का संकल्प दिलाया गया। कार्यक्रम में विश्वविद्यालय के विभिन्न विभागों के विभागाध्यक्ष, व्याख्यातागण एवं बड़ी संख्या में छात्र-छात्राओं की उल्लेखनीय उपस्थिति रही।