रांची/रामगढ़, 29 जून: झारखंड की ऊर्जा व्यवस्था को बड़ी मजबूती देते हुए पतरातू सुपर थर्मल पावर परियोजना (PVUNL) की दूसरी 800 मेगावाट क्षमता वाली यूनिट ने 25 जून से व्यावसायिक (कमर्शियल) संचालन शुरू कर दिया है। इसके साथ ही राज्य की बिजली उत्पादन क्षमता में उल्लेखनीय वृद्धि हुई है और उद्योगों तथा घरेलू उपभोक्ताओं के लिए बिजली आपूर्ति और अधिक सुदृढ़ होने की उम्मीद है।
यह परियोजना 3×800 मेगावाट (कुल 2,400 मेगावाट) क्षमता के पहले चरण का हिस्सा है। इससे पहले पहली 800 मेगावाट यूनिट नवंबर 2025 में चालू हो चुकी थी। अब दूसरी यूनिट के शुरू होने के बाद परियोजना से कुल 1,600 मेगावाट क्षमता का उत्पादन संभव हो गया है, जबकि तीसरी यूनिट पर भी कार्य जारी है।
पतरातू विद्युत उत्पादन निगम लिमिटेड (PVUNL) एनटीपीसी और झारखंड बिजली वितरण निगम लिमिटेड (JBVNL) का संयुक्त उपक्रम है। समझौते के अनुसार परियोजना से उत्पादित बिजली का लगभग 85 प्रतिशत हिस्सा झारखंड को मिलेगा। इससे राज्य की बिजली कमी दूर करने, औद्योगिक विकास को गति देने और ऊर्जा आत्मनिर्भरता को बढ़ावा मिलने की उम्मीद है।
अत्याधुनिक सुपरक्रिटिकल तकनीक से लैस इस संयंत्र में ऊर्जा दक्षता अधिक है और पारंपरिक ताप विद्युत संयंत्रों की तुलना में कार्बन उत्सर्जन अपेक्षाकृत कम होता है। परियोजना के पूरी तरह चालू होने पर झारखंड की बिजली व्यवस्था को दीर्घकालिक मजबूती मिलने के साथ-साथ पूर्वी भारत के ग्रिड को भी लाभ होगा।