पटना/रांची, 25 जून: बिहार के लखीसराय में NEET-UG 2026 पुनर्परीक्षा के दौरान सॉल्वर गैंग का बड़ा खुलासा हुआ है। इस मामले में गिरफ्तार 30 लोगों में झारखंड की दो मेधावी छात्राएं- गिरिडीह की पूनम कुमारी और पलामू की चंचल कुमारी- भी शामिल हैं। दोनों कभी अपनी शैक्षणिक उपलब्धियों के लिए चर्चा में रही थीं, लेकिन अब परीक्षा धांधली के आरोपों के कारण सुर्खियों में हैं।
गिरिडीह जिले के बिरनी प्रखंड की बरहमसिया पंचायत निवासी पूनम कुमारी ने वर्ष 2021 में इंटर साइंस परीक्षा में झारखंड टॉपर बनकर राज्य का नाम रोशन किया था। वहीं पलामू के हरिहरगंज क्षेत्र की रहने वाली चंचल कुमारी भी जिला और इंटर स्तर की टॉपर छात्राओं में शामिल रही हैं। रिपोर्टों के अनुसार, पूनम वर्तमान में बीएससी नर्सिंग की पढ़ाई कर रही थीं, जबकि चंचल आयुर्वेद चिकित्सा (BAMS) की छात्रा हैं।
पुलिस जांच में सामने आया है कि लखीसराय में आयोजित NEET पुनर्परीक्षा के दौरान कुछ अभ्यर्थियों की जगह दूसरे लोगों को परीक्षा दिलाने की साजिश रची गई थी। प्रशासन ने नौ कथित सॉल्वर और उनके सहयोगियों समेत कुल 30 लोगों को गिरफ्तार किया है। जांच एजेंसियां यह पता लगाने में जुटी हैं कि इन छात्राओं की भूमिका क्या थी और वे इस नेटवर्क से कैसे जुड़ीं।
हालांकि यह स्पष्ट नहीं है कि पूनम और चंचल ने कथित तौर पर गैंग का हिस्सा बनने का फैसला किन परिस्थितियों में लिया, लेकिन विशेषज्ञों का मानना है कि मेडिकल प्रवेश परीक्षाओं में बढ़ती प्रतिस्पर्धा, आर्थिक लालच और संगठित गिरोहों का प्रभाव कई प्रतिभाशाली युवाओं को भी गलत रास्ते पर धकेल देता है। फिलहाल पुलिस और प्रशासन पूरे नेटवर्क की पड़ताल कर रहे हैं और जांच पूरी होने के बाद ही उनकी वास्तविक भूमिका स्पष्ट हो सकेगी।