रांची, 25 जून: राजधानी स्थित राजेंद्र आयुर्विज्ञान संस्थान (रिम्स) में पिछले शैक्षणिक सत्र के नामांकन को लेकर सीआईडी ने जांच शुरू कर दी है। जांच टीम ने संस्थान पहुंचकर प्रवेश प्रक्रिया से जुड़े विभिन्न दस्तावेजों, अभिलेखों और नामांकन रिकॉर्ड की गहन पड़ताल की। प्रारंभिक स्तर पर छात्रों के आवेदन पत्र, प्रमाणपत्र सत्यापन, सीट आवंटन और प्रवेश से संबंधित फाइलों की जांच की जा रही है।
सूत्रों के अनुसार, पिछले शैक्षणिक सत्र में कुछ अभ्यर्थियों द्वारा कथित रूप से फर्जी प्रमाणपत्रों के आधार पर नामांकन लेने तथा प्रवेश प्रक्रिया में अनियमितता की शिकायतें सामने आई थीं। इन्हीं शिकायतों के आधार पर मामले की जांच सीआईडी को सौंपी गई है। इससे पहले भी रिम्स में फर्जी जाति प्रमाणपत्र के आधार पर एमबीबीएस में नामांकन लेने का मामला सामने आया था, जिसके बाद प्रवेश प्रक्रिया की पारदर्शिता पर सवाल उठे थे।
सीआईडी अधिकारियों ने संस्थान प्रशासन से नामांकन से संबंधित सभी आवश्यक दस्तावेज उपलब्ध कराने को कहा है। जांच के दौरान संबंधित अधिकारियों और कर्मचारियों से भी पूछताछ की जा सकती है। राज्य सरकार पहले ही मेडिकल कॉलेजों में फर्जी प्रमाणपत्रों के आधार पर हुए नामांकन मामलों की जांच के निर्देश दे चुकी है।
रिम्स प्रशासन ने जांच में पूरा सहयोग देने की बात कही है। सीआईडी की जांच रिपोर्ट आने के बाद यदि किसी प्रकार की गड़बड़ी या नियमों के उल्लंघन की पुष्टि होती है, तो संबंधित लोगों के खिलाफ कानूनी कार्रवाई की जा सकती है। फिलहाल जांच जारी है और इसकी रिपोर्ट का इंतजार किया जा रहा है।