रांची, 08 जून: झारखंड राज्यसभा चुनाव 2026 में राजनीतिक समीकरणों ने नया मोड़ ले लिया है। भाजपा ने अपना आधिकारिक उम्मीदवार नहीं उतारने का फैसला किया है और पार्टी समर्थित निर्दलीय उम्मीदवार के रूप में परिमल नाथवानी मैदान में हैं। इससे नाथवानी चुनाव के सबसे चर्चित और सर्वसम्मति समर्थन पाने वाले उम्मीदवारों में शामिल हो गए हैं।
सूत्रों के अनुसार, भाजपा, आजसू, जदयू और लोजपा (रामविलास) के विधायक नाथवानी के प्रस्तावक बने हैं। वहीं, उनके विभिन्न दलों के नेताओं से बेहतर संबंध होने के कारण उन्हें सत्ता पक्ष के कुछ विधायकों का भी समर्थन मिलने की चर्चा है।
राज्यसभा की दो सीटों के लिए मुकाबला रोचक बना हुआ है। एक ओर झामुमो ने बैजनाथ राम को उम्मीदवार बनाया है, जबकि कांग्रेस ने प्रणव झा को मैदान में उतारा है। इसी बीच परिमल नाथवानी की एंट्री ने चुनावी गणित को और दिलचस्प बना दिया है।
राजनीतिक विश्लेषकों का मानना है कि भाजपा द्वारा प्रत्याशी नहीं उतारने और नाथवानी को समर्थन मिलने से उनकी जीत की संभावनाएं मजबूत हुई हैं। नाथवानी पहले भी झारखंड से राज्यसभा सदस्य रह चुके हैं और सभी दलों में उनकी स्वीकार्यता को उनकी सबसे बड़ी ताकत माना जा रहा है।
राज्यसभा चुनाव को लेकर अब सभी की निगाहें नामांकन और मतदान के अंतिम समीकरणों पर टिकी हैं, जहां क्रॉस वोटिंग और अतिरिक्त समर्थन चुनाव परिणाम को प्रभावित कर सकता है।