अप्रैल में खुदरा महंगाई 3.48% पर, थोक महंगाई 42 महीने के उच्चतम स्तर 8.3% पर पहुंची; अमूल-मदर डेयरी ने दूध के दाम ₹2 प्रति लीटर बढ़ाए
नई दिल्ली/रांची, 17 मई: देशभर के आम उपभोक्ताओं के लिए महंगाई का नया झटका। सरकारी आंकड़ों के मुताबिक अप्रैल 2026 में खुदरा महंगाई दर (CPI) बढ़कर 3.48 प्रतिशत हो गई, जो मार्च के 3.40 प्रतिशत से अधिक है। खाद्य महंगाई भी 4.20 प्रतिशत पर पहुंच गई। थोक महंगाई (WPI) तो और तेजी से बढ़ी और 8.30 प्रतिशत के स्तर पर पहुंच गई जो पिछले 42 महीनों का सबसे ऊंचा आंकड़ा है।
रोजमर्रा की जिंदगी पर सबसे ज्यादा असर पड़ रहा है। अमूल और मदर डेयरी ने 14 मई से दूध के दाम ₹2 प्रति लीटर तक बढ़ा दिए हैं। अब अमूल ताजा (1 लीटर) ₹57 में मिलेगा, जबकि गोल्ड और अन्य वेरिएंट्स में भी 1-3 रुपये की बढ़ोतरी हुई है। टमाटर की कीमतों में 35 प्रतिशत से ज्यादा उछाल आया है, जबकि गोभी जैसी अन्य सब्जियां भी महंगी हुई हैं।
FMCG प्रोडक्ट्स पर भी दबाव साफ दिख रहा है। कच्चे तेल, पैकेजिंग और परिवहन लागत बढ़ने से साबुन, डिटर्जेंट, शैंपू, बिस्किट और अन्य पैकेज्ड खाद्य पदार्थों के दाम 2-10 प्रतिशत तक बढ़ सकते हैं। कंपनियां जैसे HUL, Dabur और Britannia पहले ही संकेत दे चुकी हैं।
सबसे चौंकाने वाला उछाल सोने-चांदी में देखने को मिला। चांदी के गहनों की सालाना महंगाई दर 144 प्रतिशत के पार पहुंच गई, जबकि सोना, हीरा और प्लैटिनम ज्वेलरी में करीब 41 प्रतिशत की बढ़ोतरी दर्ज की गई। वैश्विक तनाव, पश्चिम एशिया संकट और रुपये की कमजोरी ने कीमती धातुओं को नई ऊंचाई दी है।
विश्लेषकों का कहना है कि थोक महंगाई में तेजी का असर आने वाले महीनों में रसोई और बाजार पर और दिखेगा। कच्चे तेल की ऊंची कीमतें और मॉनसून की अनिश्चितता महंगाई को और बढ़ा सकती है। हालांकि, आलू और प्याज जैसे कुछ सब्जियां सस्ती हुई हैं, जो थोड़ी राहत दे रही हैं। यह महंगाई का सिलसिला जारी रहा तो मध्यम वर्ग और निम्न आय वर्ग की जेब पर सबसे ज्यादा बोझ बढ़ेगा।