पटना, 06 मई: राजधानी पटना में मुख्यमंत्री आवास के नाम को लेकर बड़ा बदलाव किया गया है। बिहार सरकार ने ऐतिहासिक ‘1 अणे मार्ग’ को अब नया नाम देते हुए ‘लोक सेवक आवास’ कर दिया है। इस निर्णय को सरकार ने जनसेवा और लोकतांत्रिक मूल्यों को सुदृढ़ करने की दिशा में एक प्रतीकात्मक कदम बताया है।
सरकारी सूत्रों के अनुसार, ‘लोक सेवक आवास’ नाम यह संदेश देने के उद्देश्य से रखा गया है कि मुख्यमंत्री सहित सरकार का हर प्रतिनिधि जनता का सेवक है, न कि शासक। लंबे समय से ‘1 अणे मार्ग’ 1 अणे मार्ग बिहार के मुख्यमंत्री का आधिकारिक निवास रहा है और यह प्रदेश की राजनीति का एक प्रमुख केंद्र भी माना जाता है।
नाम परिवर्तन के बाद संबंधित विभागों को निर्देश जारी कर दिए गए हैं कि सभी आधिकारिक दस्तावेजों, पत्राचार और साइनबोर्ड में नए नाम का उपयोग सुनिश्चित किया जाए। इसके साथ ही आवास परिसर में नए नाम के अनुरूप पट्टिकाएं भी लगाई जा रही हैं।
राजनीतिक हलकों में इस फैसले को लेकर विभिन्न प्रतिक्रियाएं सामने आ रही हैं। जहां सत्तापक्ष इसे जनहित और सेवा भावना से जोड़कर देख रहा है, वहीं विपक्ष ने इसे प्रतीकात्मक राजनीति करार देते हुए अन्य मूलभूत मुद्दों पर ध्यान देने की बात कही है।
हालांकि, आम लोगों के बीच इस बदलाव को लेकर उत्सुकता देखी जा रही है और लोग इसे सरकार की नई सोच के रूप में भी देख रहे हैं।