रामगढ़, 05 मई: झारखंड के पतरातू डैम में प्रशासन ने पर्यटकों की सुरक्षा को लेकर कड़े कदम उठाए हैं। अब बिना शपथ पत्र के किसी भी प्रकार की बोटिंग गतिविधि पूरी तरह बंद कर दी गई है। यह निर्णय हाल ही में हुए जलाशय हादसों के बाद सुरक्षा मानकों को मजबूत करने के उद्देश्य से लिया गया है।
सोमवार को अनुमंडल पदाधिकारी अनुराग तिवारी की अध्यक्षता में पतरातू लेक रिसॉर्ट परिसर में बैठक आयोजित की गई, जिसमें नाव संचालकों, समितियों और अधिकारियों ने भाग लिया। बैठक में बोटिंग व्यवस्था, सुरक्षा उपकरणों और संचालन प्रक्रिया की विस्तृत समीक्षा की गई।
प्रशासन ने स्पष्ट निर्देश दिया है कि सभी नाव संचालकों को शपथ पत्र जमा करना अनिवार्य होगा। इसमें लाइफ जैकेट का उपयोग, नाव की निर्धारित क्षमता से अधिक सवारी न लेना, प्रशिक्षित नाविकों की तैनाती और आपातकालीन व्यवस्था सुनिश्चित करने जैसी शर्तें शामिल हैं। जब तक ये शपथ पत्र जमा नहीं होते, तब तक डैम में बोटिंग पूरी तरह बंद रहेगी।
बैठक के बाद विभिन्न घाटों का निरीक्षण भी किया गया, जहां नावों की तकनीकी स्थिति और सुरक्षा उपकरणों की जांच की गई। कई स्थानों पर खामियां मिलने पर सुधार के निर्देश दिए गए। प्रशासन ने चेतावनी दी है कि नियमों के उल्लंघन पर लाइसेंस रद्द करने सहित सख्त कार्रवाई की जाएगी।
प्रशासन के इस फैसले से साफ है कि पर्यटन के साथ-साथ अब सुरक्षा को सर्वोच्च प्राथमिकता दी जा रही है।