सम्मेलन में अंतर्राष्ट्रीय स्तर के 6 देशों से वक्ता प्रमुख रूप से होंगे शमिल
रामगढ़, 21 अप्रैल: राधा गोविन्द विश्वविद्यालय प्रांगण में आगामी 22 एवं 23 अप्रैल को आयोजित होने वाले दो दिवसीय अंतर्राष्ट्रीय सम्मेलन को सफल बनाने हेतु मंगलवार को एक प्रेस कॉन्फ्रेंस का आयोजन किया गया। इस दौरान विश्वविद्यालय प्रशासन ने सम्मेलन की विस्तृत रूपरेखा, उद्देश्य और कार्यक्रम की जानकारी साझा की।
प्रेस कॉन्फ्रेंस की अध्यक्षता करते हुए कुलाधिपति बी.एन. साह ने बताया कि इस सम्मेलन का मुख्य उद्देश्य भारतीय ज्ञान परंपरा, शिक्षा मूल्यों तथा राष्ट्रीय शिक्षा नीति 2020 के तहत नई शिक्षण पद्धतियों पर व्यापक विचार-विमर्श करना है। उन्होंने जानकारी दी कि सम्मेलन में अब तक 1200 से अधिक शोधार्थियों एवं विद्यार्थियों ने पंजीकरण कराया है।
सम्मेलन में अंतर्राष्ट्रीय स्तर के 6 प्रमुख वक्ता शामिल होंगे, जिनमें सेंट लुइट यूनिवर्सिटी के प्रो. (डॉ) कृष्णा, रूस के फोमिन सर्जे, केन्या के बेनसन एम. ओ. आगया, अमेरिका की डॉ अन्नपूर्णा देवी पांडेय, मेक्सिको के नशीली यारजाबल कॉर्नेल तथा नेपाल के डॉ राम हरि ढकाल शामिल हैं। इसके अतिरिक्त राष्ट्रीय स्तर पर संपूर्णानंद संस्कृत विश्वविद्यालय, वाराणसी के कुलपति प्रो. (डॉ) बिहारी लाल शर्मा, महाकौशल विश्वविद्यालय, जबलपुर के कुलपति प्रो. (डॉ) आर.सी. मिश्रा तथा सुप्रीम कोर्ट के वरिष्ठ अधिवक्ता लल्लन तिवारी भी अपने विचार रखेंगे।
विश्वविद्यालय की कुलपति प्रो. (डॉ) रश्मि ने कहा कि यह सम्मेलन राष्ट्रीय शिक्षा नीति 2020 के अंतर्गत भारतीय ज्ञान परंपरा को वैश्विक मंच पर स्थापित करने की दिशा में एक महत्वपूर्ण पहल है। उन्होंने विश्वास जताया कि यह आयोजन शिक्षकों, शोधकर्ताओं, नीति-निर्माताओं और विद्यार्थियों के लिए मील का पत्थर साबित होगा तथा गुणवत्तापूर्ण शिक्षा को बढ़ावा देगा।
प्रेस कॉन्फ्रेंस में परीक्षा नियंत्रक प्रो. (डॉ) अशोक कुमार, राधा गोविन्द सीनियर सेकेंडरी स्कूल के प्राचार्य डॉ सुजीत कुमार मोहंती, मीडिया पदाधिकारी डॉ संजय सिंह, संतोष कुमार, व्याख्याता डॉ बेंजामिन राज, विपुल कुमार, अनूप कुमार सहित कई गणमान्य लोग एवं मीडिया प्रतिनिधि उपस्थित रहे।