कोल्हान में तेल संकट: पेट्रोल-डीजल की गंभीर किल्लत, NH-33 पर अफरा-तफरी

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जमशेदपुर/जादूगोड़ा, 21 अप्रैल 2026: कोल्हान डिवीजन और टाटा-रांची नेशनल हाईवे (NH-33) पर पेट्रोल-डीजल की भारी कमी ने आम जनजीवन को बुरी तरह प्रभावित कर दिया है। तेल कंपनियों की नई ‘पे-फर्स्ट’ (पहले भुगतान, फिर सप्लाई) नीति और लॉजिस्टिक समस्याओं के कारण ईंधन की आपूर्ति लगभग ठप हो गई है। कई पेट्रोल पंप पूरी तरह बंद हो गए हैं, जबकि खुले पंपों पर लंबी कतारें लग रही हैं और सीमित मात्रा में ही बिक्री हो रही है।

जमशेदपुर के व्यस्त इलाकों जैसे साकची, पारसुडीह, करंडीह आदि में अनेक पेट्रोल पंप तेल खत्म होने के कारण बंद पड़े हैं। जो पंप अभी चल रहे हैं, वहां भी केवल कुछ सौ रुपये का ही पेट्रोल-डीजल मिल पा रहा है। शहर में रोजाना लगभग तीन लाख लीटर पेट्रोल और इतनी ही मात्रा में डीजल की खपत होती है, लेकिन सप्लाई चेन टूटने से यह व्यवस्था बुरी तरह चरमरा गई है।

सबसे ज्यादा संकट जादूगोड़ा क्षेत्र में देखने को मिल रहा है। यहां कई पेट्रोल पंप ‘ड्राई’ घोषित कर दिए गए हैं। कुछ पंपों पर केवल 50 रुपये का पेट्रोल ही उपलब्ध है, उसके बाद बिक्री बंद कर दी जा रही है। स्थानीय लोग और वाहन चालक घंटों कतार में खड़े रहने के बावजूद खाली हाथ लौट रहे हैं।

कोल्हान पेट्रोलियम डीलर एसोसिएशन के अनुसार, तेल कंपनियों ने हाल ही में उधारी व्यवस्था समाप्त कर ‘पे-फर्स्ट’ नीति लागू कर दी है। साथ ही लॉजिस्टिक दिक्कतों के कारण टैंकर समय पर नहीं पहुंच पा रहे हैं। इससे पंप संचालकों को तत्काल भुगतान करने में परेशानी हो रही है और स्टॉक की कमी बढ़ गई है।

पैनिक बाइंग और अफवाहों ने स्थिति को और बिगाड़ दिया है। कुछ जगहों पर होर्डिंग और ब्लैक मार्केटिंग की शिकायतें भी आ रही हैं।

जिला प्रशासन और तेल कंपनियां स्थिति पर नजर बनाए हुए हैं। उम्मीद है कि जल्द ही आपूर्ति सामान्य हो जाएगी, लेकिन फिलहाल नागरिकों से अपील की जा रही है कि वे अफवाहों पर ध्यान न दें और जरूरत से ज्यादा स्टॉक न जमा करें।प्रशासन और कंपनियों को तत्काल समाधान निकालना होगा, वरना दैनिक जीवन और अर्थव्यवस्था दोनों प्रभावित होंगे।