रामगढ़, 21 अप्रैल: जिले में संचालित विभिन्न विकास योजनाओं और कार्यों की समीक्षा करते हुए उपायुक्त ऋतुराज ने अधिकारियों को सख्त निर्देश दिए कि राज्य सरकार की जनकल्याणकारी योजनाओं का लाभ समाज के अंतिम व्यक्ति तक पहुंचे। उन्होंने स्पष्ट कहा कि शिक्षा, पर्यटन और अन्य विभागों की योजनाओं का प्रभावी क्रियान्वयन सुनिश्चित किया जाए।
सोमवार को समाहरणालय सभाकक्ष में आयोजित समीक्षा बैठक में पुलिस अधीक्षक श्री मुकेश कुमार लुनायत भी उपस्थित रहे। बैठक की शुरुआत में उपायुक्त ने सभी प्रशासनिक और पुलिस पदाधिकारियों से परिचय प्राप्त किया। इसके बाद उन्होंने विभागीय अधिकारियों को आवश्यक दिशा-निर्देश दिए।
बैठक के दौरान पुलिस अधीक्षक ने सभी विभागों के बीच बेहतर समन्वय बनाए रखने का आह्वान किया। उन्होंने पर्यटन विकास, सड़क सुरक्षा, अतिक्रमण नियंत्रण और भूमि संबंधी मामलों पर विशेष ध्यान देने की जरूरत बताई।
उपायुक्त ऋतुराज ने सभी अंचल अधिकारियों और थाना प्रभारियों को निर्देश दिया कि वे आपसी समन्वय स्थापित करते हुए अगले महीने से प्रत्येक थाना क्षेत्र में प्रति माह दो ‘थाना दिवस’ आयोजित करें। इसका उद्देश्य आम जनों की समस्याओं का त्वरित और प्रभावी समाधान सुनिश्चित करना है।
उपायुक्त ने सभी क्षेत्रीय अधिकारियों को सख्त निर्देश दिया कि वे प्रत्येक मंगलवार और शुक्रवार को अपने-अपने क्षेत्रों में जनता दरबार का आयोजन करें। इस दौरान आम नागरिकों की समस्याओं और शिकायतों को गंभीरता से सुना जाए और उनका समयबद्ध निष्पादन किया जाए।
उन्होंने स्पष्ट कहा कि प्राप्त शिकायतों का निराकरण उनकी प्रकृति के अनुसार 7 दिन, 15 दिन या अधिकतम 90 दिनों के अंदर पूरा किया जाए।
बैठक में उपायुक्त ने विभिन्न विभागों के अधिकारियों से सुझाव भी मांगे और प्राप्त सुझावों के आधार पर योजनाओं के बेहतर क्रियान्वयन के लिए दिशा-निर्देश जारी किए। उन्होंने सभी अधिकारियों से अपील की कि जनहित के कार्यों में संवेदनशीलता, तत्परता, पारदर्शिता और जवाबदेही बनाए रखें। प्रशासन की सबसे बड़ी प्राथमिकता जनसेवा होनी चाहिए।
बैठक में वन प्रमंडल पदाधिकारी, उप विकास आयुक्त, विभिन्न विभागों के वरीय अधिकारी, प्रखंड विकास पदाधिकारी, अंचल अधिकारी, थाना प्रभारी सहित अन्य संबंधित पदाधिकारी उपस्थित थे।