रांची, 20 अप्रैल: झारखंड में लगातार बढ़ते तापमान और लू (हीटवेव) के बढ़ते खतरे को देखते हुए राज्य सरकार ने प्रशासनिक और स्वास्थ्य तंत्र को सतर्क कर दिया है। आपदा प्रबंधन एवं स्वास्थ्य विभाग के मंत्री डॉ. इरफान अंसारी ने सभी उपायुक्तों को सख्त निर्देश देते हुए कहा है कि आम लोगों की सुरक्षा में किसी भी प्रकार की ढिलाई बर्दाश्त नहीं की जाएगी।
मंत्री डॉ. अंसारी ने उपायुक्तों को निर्देश दिया कि वे अपने-अपने जिलों में लू से निपटने की पूरी तैयारी सुनिश्चित करें। इसमें स्वास्थ्य सुविधाओं को मजबूत करना, पेयजल की उपलब्धता, छाया वाले स्थान बनाना और जन जागरूकता अभियान चलाना शामिल है। उन्होंने स्पष्ट कहा कि बच्चों, बुजुर्गों और मजदूरों जैसी संवेदनशील श्रेणियों की सुरक्षा पर विशेष ध्यान दिया जाए।
भारतीय मौसम विभाग के अनुसार, झारखंड के कई जिलों में दिन के तापमान में 3-5 डिग्री सेल्सियस की बढ़ोतरी होने की संभावना है और कुछ क्षेत्रों में येलो अलर्ट जारी किया गया है। तापमान 40 डिग्री से ऊपर पहुंचने की आशंका जताई जा रही है, जिससे हीट स्ट्रोक और डिहाइड्रेशन का खतरा बढ़ गया है।
सरकार ने स्वास्थ्य विभाग को भी अलर्ट मोड पर रखा है। अस्पतालों में इमरजेंसी वार्ड तैयार रखने, दवाओं का पर्याप्त स्टॉक सुनिश्चित करने और डॉक्टरों की टीम को तैनात करने के निर्देश दिए गए हैं। साथ ही, स्कूलों और आंगनबाड़ी केंद्रों में दोपहर के समय गतिविधियां सीमित करने पर भी विचार किया जा रहा है।
डॉ. इरफान अंसारी ने कहा, “लोगों की जान सबसे महत्वपूर्ण है। प्रशासन को मैदानी स्तर पर काम करना होगा और किसी भी लापरवाही को बर्दाश्त नहीं किया जाएगा।” उन्होंने जनता से अपील की कि वे दोपहर 12 बजे से 3 बजे तक अनावश्यक घर से बाहर न निकलें, हल्के रंग के ढीले कपड़े पहनें, ज्यादा से ज्यादा पानी पिएं और लक्षण दिखने पर तुरंत चिकित्सा सहायता लें।
प्रशासनिक अधिकारियों ने बताया कि सभी जिलों में कंट्रोल रूम सक्रिय कर दिए गए हैं और निगरानी लगातार की जा रही है। इस मौसम में लू से होने वाली मौतों को रोकने के लिए हरसंभव प्रयास किए जा रहे हैं।