रांची, 20 अप्रैल 2026: लोकसभा में महिला आरक्षण से जुड़े संविधान (131वां संशोधन) विधेयक के गिर जाने के बाद भाजपा ने विपक्षी दलों के खिलाफ सड़क पर उतरने का फैसला किया है। झारखंड भाजपा 25 अप्रैल को राजधानी रांची में बड़े स्तर पर आक्रोश मार्च निकालेगी, जिसमें विपक्ष पर महिलाओं के अधिकारों के साथ विश्वासघात करने का आरोप लगाया जाएगा।
भाजपा प्रदेश कार्यालय में कल प्रदेश अध्यक्ष एवं राज्यसभा सांसद आदित्य साहू की अध्यक्षता में हुई उच्च स्तरीय बैठक में यह फैसला लिया गया। बैठक में पार्टी नेताओं ने एकमत से कहा कि विपक्ष ने नारी शक्ति वंदन अधिनियम को लागू करने के ऐतिहासिक कदम को जानबूझकर रोका है। पार्टी इसे “मातृ शक्ति का अपमान” बता रही है और देशभर में चल रहे विरोध अभियान का हिस्सा बनाते हुए रांची में भव्य मार्च आयोजित करने जा रही है।
भाजपा नेताओं का कहना है कि 2023 में पास हुए महिला आरक्षण कानून को प्रभावी बनाने के लिए जरूरी संशोधन और परिसीमन संबंधी बिल लोकसभा में दो-तिहाई बहुमत न मिलने के कारण गिर गए। विपक्ष ने इन बिलों का समर्थन नहीं किया, जिससे महिलाओं को 33 प्रतिशत आरक्षण देने का रास्ता अटक गया। भाजपा इसे इंडी गठबंधन की “महिला विरोधी मानसिकता” का प्रमाण मान रही है।
प्रदेश अध्यक्ष आदित्य साहू ने कहा, “विपक्ष ने देश की आधी आबादी के साथ धोखा किया है। 25 अप्रैल को रांची का आक्रोश मार्च इस विश्वासघात के खिलाफ जनता की आवाज बनेगा। हम महिलाओं को उनका हक दिलाने तक संघर्ष जारी रखेंगे।”
झारखंड में सत्तारूढ़ गठबंधन ने बिल के गिरने का स्वागत किया है और भाजपा पर राजनीतिक फायदे के लिए मुद्दे को भुनाने का आरोप लगाया है। हालांकि, भाजपा इसे विपक्ष की हारकर भागने की कोशिश बता रही है।
पार्टी सूत्रों के अनुसार, 25 अप्रैल का मार्च रांची के प्रमुख स्थानों से गुजरेगा और इसमें बड़ी संख्या में महिला कार्यकर्ता, पदाधिकारी तथा आम जनता शामिल होने वाली है। यह कार्यक्रम देशव्यापी भाजपा अभियान का हिस्सा होगा, जिसमें कई राज्यों में इसी तरह के प्रदर्शन हो रहे हैं।
महिला आरक्षण बिल के मुद्दे पर सियासी घमासान तेज हो गया है। भाजपा इसे 2029 के लोकसभा चुनाव तक विपक्ष के खिलाफ एक बड़ा मुद्दा बनाने की तैयारी में है।