पटना, 15 अप्रैल 2026: बिहार की राजनीति में एक ऐतिहासिक बदलाव के साथ सम्राट चौधरी ने आज लोकभवन में बिहार के 24वें मुख्यमंत्री पद की शपथ ली। राज्यपाल सैयद अता हसनैन ने उन्हें पद और गोपनीयता की शपथ दिलाई। इस मौके पर भव्य समारोह का आयोजन किया गया, जिसमें एनडीए के शीर्ष नेता मौजूद रहे।
सम्राट चौधरी बिहार के पहले भाजपा मुख्यमंत्री हैं। नीतीश कुमार के कल इस्तीफा देने के बाद एनडीए सरकार में सत्ता का यह शांतिपूर्ण हस्तांतरण हुआ है। शपथ ग्रहण समारोह में उनके साथ जेडीयू कोटे से विजय कुमार चौधरी और विजेंद्र यादव ने उपमुख्यमंत्री पद की शपथ ली।
• समारोह लोकभवन में सुबह करीब 11 बजे शुरू हुआ।
• राज्यपाल सैयद अता हसनैन ने शपथ दिलाई।
• भाजपा के लिए यह बिहार में पहला मुख्यमंत्री पद है, जो 65 साल के इंतजार के बाद हासिल हुआ।
• एनडीए गठबंधन की एकता को मजबूत करते हुए सम्राट चौधरी को सर्वसम्मति से विधायक दल का नेता चुना गया था।
सम्राट चौधरी ने शपथ लेने के बाद कहा कि वे बिहार के विकास, युवाओं के रोजगार, शिक्षा और कानून-व्यवस्था को नई ऊंचाई देंगे। उन्होंने नीतीश कुमार के योगदान को याद करते हुए कहा कि एनडीए सरकार पुरानी नीतियों को आगे बढ़ाते हुए नए युग की शुरुआत करेगी।
इस मौके पर प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी, भाजपा अध्यक्ष नितिन नवीन, केंद्रीय मंत्री जे.पी. नड्डा, शिवराज सिंह चौहान समेत कई प्रमुख नेता शामिल हुए। नीतीश कुमार ने भी समारोह में भाग लिया और नए मुख्यमंत्री को शुभकामनाएं दीं।
यह घटना बिहार की राजनीति में ‘सम्राट युग’ की शुरुआत मानी जा रही है। 2005 से चली आ रही नीतीश कुमार की लंबी पारी के बाद अब भाजपा सीधे नेतृत्व में सरकार चला रही है। विपक्षी दलों ने इस बदलाव पर प्रतिक्रिया दी है, जबकि समर्थक इसे बिहार के तेज विकास की दिशा में एक नया कदम बता रहे हैं।
बिहार के लोगों में उम्मीद है कि नई सरकार बेरोजगारी, प्रवासन, शिक्षा और स्वास्थ्य जैसे मुद्दों पर ठोस कदम उठाएगी। सम्राट चौधरी की पृष्ठभूमि को देखते हुए ओबीसी समुदाय और ग्रामीण विकास पर विशेष फोकस की संभावना जताई जा रही है।