‘सम्राट’ अब बिहार के सिंहासन पर! नीतीश युग का अंत, भाजपा के पहले मुख्यमंत्री सम्राट चौधरी आज लेंगे शपथ

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पटना, 15 अप्रैल 2026: बिहार की राजनीति में ऐतिहासिक बदलाव का साक्षी बन रहा है आज का दिन। लगभग दो दशक तक सत्ता की कमान संभालने वाले नीतीश कुमार के इस्तीफे के बाद अब राज्य की बागडोर भाजपा नेता और वर्तमान उपमुख्यमंत्री सम्राट चौधरी के हाथ में सौंपी जा रही है। वे बिहार के पहले भाजपा मुख्यमंत्री बनने जा रहे हैं।

सम्राट चौधरी आज सुबह 10:50 बजे लोकभवन, पटना में राज्यपाल सैयद अताउल हसनैन के हाथों मुख्यमंत्री पद की शपथ लेंगे। शपथ ग्रहण समारोह में जद(यू) से दो उपमुख्यमंत्री भी शपथ ले सकते हैं, जिनमें विजेंद्र प्रसाद यादव और विजय कुमार चौधरी का नाम प्रमुख रूप से चर्चा में है।

एनडीए विधायक दल की बैठक में सम्राट चौधरी को सर्वसम्मति से नेता चुना गया। केंद्रीय मंत्री शिवराज सिंह चौहान ने उनके नाम का ऐलान किया, जबकि विजय कुमार सिन्हा ने प्रस्ताव रखा। सम्राट चौधरी ने कहा, “पीएम नरेंद्र मोदी के नेतृत्व में बिहार के विकास की गाड़ी तेज गति से आगे बढ़ेगी। हम सुशासन, विकास और जनसेवा के नए अध्याय की शुरुआत करेंगे।”

नीतीश कुमार का 20 वर्षों का शासन समाप्त

नीतीश कुमार ने कल (14 अप्रैल) मुख्यमंत्री पद से इस्तीफा दे दिया। वे अब राज्यसभा सांसद के रूप में दिल्ली में सक्रिय रहेंगे। उनके लंबे शासनकाल में बिहार में कानून व्यवस्था, सड़क निर्माण और शिक्षा जैसे क्षेत्रों में काफी काम हुआ, लेकिन अब नई सरकार ‘विकसित बिहार 2047’ के लक्ष्य के साथ आगे बढ़ने का संकल्प ले रही है।

सम्राट चौधरी का राजनीतिक सफर काफी दिलचस्प रहा है। वे मूल रूप से राजद से जुड़े रहे, फिर जद(यू) होते हुए भाजपा में शामिल हुए। कुशवाहा (कोएरी) समुदाय से आने वाले सम्राट चौधरी को भाजपा ने ओबीसी चेहरे के रूप में मजबूत आधार पर चुना है। उन्होंने पहले भाजपा के बिहार प्रदेश अध्यक्ष के रूप में भी सेवा की है।

शपथ ग्रहण समारोह में प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी समेत कई केंद्रीय और राज्य स्तर के प्रमुख नेता शामिल होने वाले हैं। सुरक्षा व्यवस्था चाक-चौबंद कर दी गई है।

नई सरकार के सामने चुनौतियां

नई सरकार को बिहार में रोजगार सृजन, उद्योग विकास, कृषि सुधार और युवाओं के पलायन रोकने जैसी बड़ी चुनौतियों का सामना करना होगा। सम्राट चौधरी ने भरोसा जताया है कि एनडीए के सभी साथियों के सहयोग से वे इन मुद्दों पर प्रभावी काम करेंगे।

बिहारवासी इस नए दौर से काफी उम्मीदें लगाए हुए हैं। क्या सम्राट चौधरी ‘सुशासन’ की विरासत को आगे बढ़ाते हुए बिहार को नई ऊंचाइयों पर ले जाएंगे? समय ही बताएगा।