रांची, 14 अप्रैल 2026: झारखंड कर्मचारी चयन आयोग द्वारा रविवार को आयोजित झारखंड उत्पाद सिपाही भर्ती परीक्षा से ठीक पहले रांची पुलिस ने एक बड़े ठगी रैकेट का भंडाफोड़ किया। तमाड़ थाना क्षेत्र के रणगांव/रांगामाटी में खेतों और जंगलों के बीच बने एक अर्धनिर्मित नर्सिंग होम/मेडिकल कॉलेज परिसर में छापेमारी कर 164 लोगों को गिरफ्तार किया गया। इनमें 159 अभ्यर्थी (जिनमें 7 महिलाएं शामिल) और 5 मुख्य आरोपी शामिल हैं।
पुलिस को गुप्त सूचना मिली थी कि परीक्षा पास कराने के नाम पर अभ्यर्थियों को फर्जी प्रश्नपत्र के उत्तर रटवाया जा रहा है। रांची एसएसपी राकेश रंजन के निर्देश पर ग्रामीण पुलिस की टीम ने शनिवार देर रात दबिश दी। मौके से कई मोबाइल, लैपटॉप, फर्जी प्रश्नपत्र और अन्य दस्तावेज बरामद किए गए।
गिरोह के मुख्य सरगना अतुल वत्स बिहार के जहानाबाद का रहने वाला, पहले भी कई परीक्षा घोटालों में नाम आ चुका है, समेत पांच सदस्यों ने अभ्यर्थियों से 10 से 15 लाख रुपये तक वसूले थे। वे उन्हें “परीक्षा पास कराने” का झांसा देते थे और फर्जी उत्तर रटवा रहे थे। प्रारंभिक जांच में पता चला कि रटवाए गए प्रश्न वास्तविक परीक्षा पेपर से मैच नहीं कर रहे थे। JSSC ने स्पष्ट किया कि परीक्षा कदाचारमुक्त रही और असली पेपर लीक नहीं हुआ। यह शुद्ध ठगी का मामला था।
अभ्यर्थियों के मोबाइल और सिम पहले ही जब्त कर लिए जाते थे ताकि वे बाहर संपर्क न कर सकें। कई अभ्यर्थियों ने बैंक चेक से पैसे दिए थे।
सभी 164 आरोपियों को रांची सिविल कोर्ट में पेश किया गया। मुख्य आरोपी अतुल वत्स और गिरोह के अन्य सदस्यों को पुलिस रिमांड पर लिया गया, जबकि अधिकांश अभ्यर्थियों की पूछताछ के बाद आगे की कानूनी प्रक्रिया चल रही है। कुछ रिपोर्ट्स में अभ्यर्थियों को भी 2 दिन के रिमांड की बात कही गई है।
झारखंड प्रतियोगी परीक्षा (भर्ती में अनुचित साधनों की रोकथाम) अधिनियम, 2023 के तहत सभी अभ्यर्थियों पर कार्रवाई होगी और उन्हें भर्ती प्रक्रिया से डिबार किया जा सकता है। तमाड़ थाना में कांड संख्या 21/2026 दर्ज कर जांच जारी है।
रांची पुलिस ने इसे अंतरराज्यीय सॉल्वर गैंग की साजिश बताया, जिसका मकसद परीक्षा माफिया के जरिए करोड़ों की कमाई करना था। JSSC अध्यक्ष प्रशांत कुमार ने कहा कि परीक्षा शांतिपूर्वक संपन्न हुई और पेपर लीक की कोई पुष्टि नहीं हुई। पुलिस की सतर्कता से बड़ी साजिश नाकाम हुई।
यह घटना एक बार फिर साबित करती है कि परीक्षा घोटालों में सॉल्वर गैंग कितने सक्रिय हैं। पुलिस अन्य संदिग्धों की तलाश में छापेमारी जारी रखे हुए है।