नई दिल्ली/मुंबई, 3 अप्रैल 2026: छत्रपति शिवाजी महाराज की 346वीं पुण्यतिथि पर आज देशभर में भावपूर्ण श्रद्धांजलि अर्पित की गई। हिंदवी स्वराज्य के प्रणेता, अदम्य शौर्य और कुशल रणनीतिकार महाराज को याद करते हुए केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह समेत कई प्रमुख नेताओं ने उन्हें नमन किया।
केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह ने शिवाजी महाराज को भारतीय स्वाभिमान के अमर प्रतीक और राष्ट्र-गौरव के रक्षक बताते हुए श्रद्धांजलि अर्पित की। उन्होंने कहा कि महाराज ने धर्म और संस्कृति की रक्षा के लिए जनता को एकजुट किया तथा हिंदवी स्वराज्य की मजबूत नींव रखी। समुद्र पर नियंत्रण के महत्व को समझते हुए उन्होंने शक्तिशाली नौसेना का विकास किया, जो उनके रणनीतिक कौशल का जीवंत प्रमाण है। शाह ने महाराज के जीवन को लोककल्याण और स्वसंस्कृति की रक्षा का अनुपम आदर्श बताया।
महाराष्ट्र और अन्य राज्यों में भी विभिन्न राजनीतिक दलों के नेताओं, विधायकों तथा सामाजिक संगठनों ने शिवाजी महाराज की प्रतिमाओं पर पुष्पांजलि अर्पित की। सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म्स पर “जय भवानी, जय शिवाजी” के नारों के साथ लोगों ने अपनी भावनाएं व्यक्त कीं। कई नेताओं ने महाराज के साहस, न्यायप्रियता और दूरदर्शिता को युवा पीढ़ी के लिए प्रेरणास्रोत बताया।
छत्रपति शिवाजी महाराज का जन्म 19 फरवरी 1630 को शिवनेरी किले में हुआ था और उनका निधन 3 अप्रैल 1680 को रायगढ़ किले में हुआ था। उन्होंने मुगल साम्राज्य के विरुद्ध संघर्ष करते हुए मराठा साम्राज्य की स्थापना की। उनकी गोरिल्ला युद्ध शैली, प्रशासनिक व्यवस्था और जनकल्याणकारी नीतियां आज भी इतिहासकारों और रणनीतिक विशेषज्ञों के लिए अध्ययन का विषय बनी हुई हैं।
महाराज का जीवन साहस, स्वाभिमान और राष्ट्रभक्ति का अनूठा उदाहरण है। उनकी पुण्यतिथि पर देश के कोने-कोने में उनकी स्मृति को प्रणाम किया जा रहा है।