हजारीबाग, 3 अप्रैल 2026: विष्णुगढ़ थाना क्षेत्र के कुसुंबा गांव में 13 वर्षीय मासूम बच्ची की नरबलि मामले में गिरफ्तार आरोपी भीम राम को लेकर भाजपा और विपक्ष के बीच राजनीतिक विवाद तेज हो गया है।
पुलिस के अनुसार, भीम राम बच्ची की मां रेशमी देवी का प्रेमी है और घटना में मुख्य आरोपी के रूप में गिरफ्तार किया गया। स्थानीय स्तर पर उसे भाजपा से जोड़ा जा रहा है। कुछ रिपोर्टों में दावा किया गया कि भीम राम भाजपा बूथ कमेटी का अध्यक्ष या कार्यकर्ता रह चुका है। झामुमो नेताओं ने आरोप लगाया कि वह भाजपा का बूथ अध्यक्ष था और घटना के बाद भी इंसाफ की मांग करते हुए मुखर रहा।
घटना के बाद भाजपा का प्रतिनिधिमंडल, जिसमें प्रदेश अध्यक्ष एवं राज्यसभा सांसद आदित्य साहू सहित अन्य नेता शामिल थे, पीड़ित परिवार से मिलने गांव पहुंचा। इस दौरान भीम राम भी प्रतिनिधिमंडल के साथ मौजूद था और हत्या के खिलाफ प्रदर्शन में शामिल दिखा।
भाजपा प्रदेश अध्यक्ष आदित्य साहू ने साफ कहा कि भीम राम का भाजपा पार्टी से कोई औपचारिक नाता नहीं है। वह पार्टी का कोई पदाधिकारी, बूथ अध्यक्ष या सक्रिय कार्यकर्ता नहीं था। साहू ने कहा, “किसी फोटो या कार्यक्रम में उपस्थिति से किसी को पार्टी का सदस्य नहीं माना जा सकता।” भाजपा ने आरोपी से पूरी तरह पल्ला झाड़ लिया है और इसे विपक्ष द्वारा पार्टी को बदनाम करने की साजिश बताया। भाजपा प्रवक्ताओं ने भी यही दोहराया कि भीम राम कभी पार्टी का सक्रिय सदस्य नहीं रहा।
भाजपा की सक्रिय भूमिका:
• भाजपा ने घटना की शुरुआत से ही राज्य सरकार पर कानून-व्यवस्था बिगड़ने का आरोप लगाया और हजारीबाग बंद का आह्वान किया।
• आदित्य साहू ने दोषियों को फांसी की सजा देने और उच्च स्तरीय न्यायिक जांच कराने की मांग की।
• उन्होंने पीड़ित परिवार से मुलाकात की और कहा कि भाजपा के दबाव के कारण ही पुलिस ने मामले का त्वरित खुलासा किया।
यह मामला अंधविश्वास से जुड़ा गंभीर आपराधिक कांड है, जिसमें राजनीतिक आरोप-प्रत्यारोप भी जारी हैं। पुलिस जांच और अदालती प्रक्रिया पर तथ्य आधारित जानकारी सबसे महत्वपूर्ण बनी हुई है।