देशभर के नेशनल हाईवे और एक्सप्रेसवे पर आज एक अप्रैल 2026 से टोल शुल्क बढ़ गया है।

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नई दिल्ली/रांची, 01 अप्रैल: भारतीय राष्ट्रीय राजमार्ग प्राधिकरण ने नए वित्तीय वर्ष के लिए टोल दरों में औसतन पांच प्रतिशत तक की बढ़ोतरी कर दी है। इसके साथ ही टोल प्लाजा पर नकद भुगतान पूरी तरह बंद कर दिया गया है। अब केवल फास्टैग या यूपीआई से ही टोल का भुगतान संभव होगा।

एनएचएआई के अनुसार, महंगाई को ध्यान में रखकर यह संशोधन किया गया है। हल्की गाड़ियों जैसे कार, जीप और वैन के लिए टोल में पांच से दस रुपये की बढ़ोतरी हुई है। वहीं ट्रक और बस जैसे भारी वाहनों पर पंद्रह से पैंतालीस रुपये तक अतिरिक्त शुल्क लगेगा।

चौबीस घंटे के रिटर्न पास की कीमत दो सौ रुपये से बढ़कर दो सौ पंद्रह रुपये हो गई है। मासिक पास चार हजार चार सौ पचहत्तर रुपये से बढ़कर चार हजार सात सौ तीस रुपये हो गया है।

लाइट कमर्शियल वाहन के लिए एक तरफा टोल दो सौ पांच रुपये से बढ़कर दो सौ पंद्रह रुपये हो गया है। बस या ट्रक के लिए चार सौ दस रुपये से बढ़कर चार सौ पैंतीस रुपये कर दिया गया है।

देशभर में फास्टैग एनुअल पास की कीमत भी बढ़ गई है। नॉन-कमर्शियल प्राइवेट वाहनों के लिए सालाना पास तीन हजार रुपये से बढ़कर तीन हजार पचहत्तर रुपये हो गया है। यह पास एक साल या दो सौ टोल क्रॉसिंग तक मान्य रहेगा।

एनएचएआई ने कहा है कि नई व्यवस्था से टोल संग्रह अधिक पारदर्शी और तेज होगा। इससे प्लाजा पर लंबी कतारें कम होंगी। यात्रियों को सलाह दी गई है कि वे फास्टैग में पर्याप्त बैलेंस रखें। बिना फास्टैग वाले वाहनों से दोगुना शुल्क वसूला जा सकता है।

जो लोग साल में कई बार हाईवे का इस्तेमाल करते हैं, वे एनुअल पास ले सकते हैं। नई दरें जानने के लिए माईफास्टैग ऐप या एनएचएआई की वेबसाइट देखें।

यह बढ़ोतरी आम यात्रियों और छोटे व्यापारियों की जेब पर अतिरिक्त बोझ डालेगी। सरकार का कहना है कि बढ़ा हुआ टोल सड़क निर्माण और रखरखाव के काम में लगाया जाएगा।