रांची, 1 अप्रैल 2026: आज से झारखंड समेत पूरे देश में जनगणना 2027 के पहले चरण में हाउस लिस्टिंग एवं हाउसिंग सेंसस की औपचारिक शुरुआत हो गई है। यह भारत की 16वीं जनगणना है, जो पहली बार पूरी तरह डिजिटल माध्यम से की जा रही है।
इस चरण में घरों की सूची तैयार करना और आवास संबंधी जानकारी एकत्र करने का काम होगा। इसमें मकानों, परिवारों और बुनियादी सुविधाओं से जुड़े 33 प्रश्न पूछे जाएंगे। झारखंड में सेल्फ-एनुमरेशन की अवधि 1 मई से 15 मई 2026 तक रहेगी, जबकि घर-घर जाकर हाउस लिस्टिंग का कार्य 16 मई से 14 जून 2026 तक चलेगा। पूरे देश में यह चरण अप्रैल से सितंबर 2026 के बीच राज्यों की सुविधानुसार 30 दिनों में पूरा किया जाएगा।
इस बार की जनगणना की मुख्य विशेषताएं:
• पहली बार पूरी तरह डिजिटल: मोबाइल ऐप और सेल्फ-एनुमरेशन पोर्टल के जरिए जानकारी दर्ज की जाएगी।
• सेल्फ-एनुमरेशन की सुविधा: नागरिक खुद ऑनलाइन अपनी जानकारी भर सकेंगे।
• कानूनी बाध्यता: जनगणना में सहयोग करना अनिवार्य है। गलत या अधूरी जानकारी देने पर तीन साल तक की कैद या जुर्माना लग सकता है।
• दूसरा चरण: फरवरी 2027 में जनसंख्या गणना (पॉपुलेशन एनुमरेशन) होगी, जिसमें जाति सहित व्यक्तिगत आंकड़े भी दर्ज किए जाएंगे।
केंद्रीय गृह मंत्रालय ने सभी राज्यों को इस ऐतिहासिक अभियान की तैयारी पूरी करने के निर्देश दिए हैं। झारखंड में भी प्रशासनिक स्तर पर एनुमरेटर्स और सुपरवाइजर्स की नियुक्ति तथा प्रशिक्षण का काम पूरा कर लिया गया है।
इस जनगणना से देश की सटीक जनसंख्या, जाति-आधारित आंकड़े, आवास सुविधाएं और विभिन्न विकास योजनाओं के लिए आधारभूत जानकारी मिलेगी, जो नीति-निर्माण में महत्वपूर्ण भूमिका निभाएगी।
सरकार ने सभी नागरिकों से अपील की है कि वे जनगणना टीम को पूर्ण सहयोग दें और सही-सटीक जानकारी दें, ताकि यह अभियान सफलतापूर्वक पूरा हो सके।