खूंटी, 31 मार्च: झारखंड के खूंटी जिले में रामनवमी शोभायात्रा के दौरान मुरहू थाना क्षेत्र में हुए पथराव की घटना के बाद तनाव अभी भी कायम है। पथराव और उसके बाद पुलिस कार्रवाई के विरोध में सोमवार को बुलाया गया स्वेच्छा बंद पूरी तरह सफल रहा। मशाल जुलूस निकालने के बाद अब मंगलवार आज फिर से खूंटी बंद का ऐलान किया गया है।
रामनवमी जुलूस समाप्त होने के बाद मुरहू में दो पक्षों के बीच ईंट-पत्थर की झड़प हुई थी, जिसमें कई लोग घायल हुए। पुलिस ने तुरंत हस्तक्षेप किया और धारा 163 (या 144) लागू कर दी। भारी पुलिस बल तैनात किया गया है तथा स्थिति को नियंत्रण में रखने के लिए प्रशासन अलर्ट मोड पर है।
घटना के बाद हिंदू संगठनों और स्थानीय लोगों में काफी आक्रोश है। आरोप है कि जुलूस पर पथराव किया गया, जबकि पुलिस कार्रवाई में निर्दोषों को भी हिरासत में लिया गया। इसके विरोध में सर्व सनातन समाज और अन्य संगठनों ने रविवार से ही बंद का आह्वान किया। सोमवार को बाजार, दुकानें और परिवहन सेवाएं ठप रहीं।
मंगलवार को मशाल जुलूस निकालकर लोगों ने आरोपियों की तुरंत गिरफ्तारी और निर्दोषों की रिहाई की मांग दोहराई। संगठनों ने कहा कि अगर मांगें नहीं मानी गईं तो अनिश्चितकालीन बंद चलाया जाएगा। खूंटी क्लब में हुई बैठक में भी यह फैसला लिया गया।
जिला प्रशासन और पुलिस ने स्थिति को सामान्य बनाने के लिए अतिरिक्त बल तैनात किया है। निषेधाज्ञा अभी भी लागू है। एसपी और डीसी ने दोनों पक्षों से शांति बनाए रखने की अपील की है। अफवाहों से बचने और सोशल मीडिया पर भड़काऊ पोस्ट न करने की चेतावनी दी गई है।
स्थानीय लोगों का कहना है कि शोभायात्रा शांतिपूर्ण ढंग से निकाली जा रही थी, लेकिन कुछ असामाजिक तत्वों ने पथराव कर माहौल बिगाड़ा। वहीं दूसरी ओर पुलिस ने कहा कि मामला दोनों पक्षों के बीच झड़प का था और जांच चल रही है।
यह घटना पूरे जिले में चर्चा का विषय बनी हुई है। रामनवमी के जुलूस पर पथराव की घटनाएं झारखंड के कई हिस्सों में देखी गई हैं, जिससे सांप्रदायिक सौहार्द पर सवाल उठ रहे हैं।
प्रशासन ने सभी नागरिकों से शांति बनाए रखने और कानून-व्यवस्था का सम्मान करने की अपील की है। किसी भी प्रकार की हिंसा या अफवाह फैलाने वालों पर सख्त कार्रवाई की जाएगी।