जामताड़ा, 26 मार्च: झारखंड के जामताड़ा जिले में एक बार फिर साइबर ठगी का बड़ा मामला सामने आया है। स्थानीय साइबर थाने की पुलिस ने LPG सिलेंडर बुकिंग के नाम पर लोगों को ठगने वाले तीन शातिर साइबर अपराधियों को गिरफ्तार कर लिया है। आरोपियों ने फर्जी APK फाइल भेजकर पीड़ितों के मोबाइल में मैलवेयर डाल दिया और उनके बैंक खातों से लाखों रुपये निकाल लिए।
पुलिस के अनुसार, ठग लोगों को WhatsApp या अन्य मैसेजिंग ऐप के जरिए LPG गैस बुकिंग या बिल अपडेट का लिंक/फाइल भेजते थे। जैसे ही पीड़ित उस फाइल को डाउनलोड और इंस्टॉल करते, ठगों को उनके डिवाइस का पूरा कंट्रोल मिल जाता। इस तरीके से न सिर्फ बैंक डिटेल्स चोरी होतीं, बल्कि OTP और अन्य संवेदनशील जानकारी भी हासिल कर ली जाती। यह ठगी पूरे देश के लोगों को निशाना बनाकर की जा रही थी।
जामताड़ा साइबर थाने की टीम को गुप्त सूचना मिली थी कि बिंदापाथर और नारायणपुर क्षेत्र में ऐसे ठग सक्रिय हैं। छापेमारी में तीन आरोपियों को रंगे हाथों गिरफ्तार किया गया। उनके कब्जे से मोबाइल फोन, फर्जी सिम कार्ड, नकद राशि (लगभग एक लाख रुपये से अधिक) और अन्य डिजिटल सबूत बरामद किए गए। आरोपियों को जेल भेज दिया गया है और आगे की जांच जारी है।
पुलिस अधिकारियों ने बताया कि जामताड़ा साइबर अपराध का हॉटस्पॉट बना हुआ है। LPG बुकिंग के बहाने यह नई तरकीब अपनाई गई थी, खासकर तब जब कुछ क्षेत्रों में गैस की किल्लत की खबरें आ रही थीं। पीड़ितों को सतर्क रहने और किसी भी अनजान लिंक या APK फाइल को डाउनलोड न करने की सलाह दी गई है।
पुलिस की अपील:
• LPG बुकिंग हमेशा आधिकारिक MyLPG ऐप या इंडेन/भारतगैस/HP गैस की वेबसाइट से ही करें।
• अनजान नंबरों से आए मैसेज या लिंक पर क्लिक न करें।
• बैंक डिटेल्स या OTP किसी से साझा न करें।
यह गिरफ्तारी जामताड़ा पुलिस की साइबर क्राइम के खिलाफ चल रही मुहिम का हिस्सा है। जांच में पता चला है कि गिरोह के और सदस्य भी हो सकते हैं, जिनकी तलाश जारी है।