चतरा, 18 मार्च: झारखंड के चतरा जिले में अवैध अफीम खेती और तस्करी के खिलाफ पुलिस ने अब तक की सबसे बड़ी और निर्णायक कार्रवाई की है। पुलिस की विशेष टीम ने जिले के विभिन्न थाना क्षेत्रों- लावालौंग, कान्हाचट्टी, प्रतापपुर, कुंदा, सदर और सिमरिया आदि में छापेमारी कर लगभग 2700 एकड़ में फैली अफीम की फसल को पूरी तरह नष्ट कर दिया।
इस अभियान के दौरान 22 अफीम तस्करों और पेडलरों को गिरफ्तार किया गया। पुलिस अधीक्षक सुमित कुमार अग्रवाल के निर्देश पर चलाए गए इस व्यापक अभियान को चतरा पुलिस ने जिले को अफीम मुक्त बनाने की दिशा में बड़ा कदम बताया है।
पुलिस टीम ने ड्रोन सर्वे, मुखबिर सूचना और स्थानीय जागरूकता के आधार पर अवैध खेतों की पहचान की। जेसीबी मशीनों और हाथों से फसलों को उखाड़कर या जला कर नष्ट किया गया। कई जगहों पर वन भूमि और दूरस्थ इलाकों में छिपाकर की गई खेती का पता चला।
चतरा पुलिस अधीक्षक ने कहा, “अफीम तस्करी का पूरा नेटवर्क तोड़ने के लिए हमारा अभियान निरंतर चलेगा। किसानों को वैकल्पिक फसलों की ओर प्रोत्साहित करने के साथ-साथ तस्करों पर सख्त कानूनी कार्रवाई हो रही है। चतरा को नशे के कारोबार से मुक्त कराना हमारा लक्ष्य है।”
झारखंड में अफीम की अवैध खेती लंबे समय से समस्या बनी हुई है। राज्य स्तर पर इस वर्ष 27,000 एकड़ से अधिक क्षेत्र में ऐसी फसल नष्ट की जा चुकी है। चतरा हमेशा से प्रभावित जिलों में शामिल रहा है। हाल के महीनों में पुलिस ने लगातार छोटी-बड़ी कार्रवाइयां की हैं, लेकिन यह 2700 एकड़ की एक साथ कार्रवाई अब तक की सबसे बड़ी मानी जा रही है।
यह कार्रवाई न केवल नशे की तस्करी को रोकने में मददगार साबित होगी, बल्कि युवाओं को नशे के दलदल में फंसने से भी बचाएगी। स्थानीय प्रशासन ने किसानों से अपील की है कि वे सरकारी योजनाओं का लाभ लेकर वैध और लाभदायक फसलों की खेती करें।