रांची, 2 मार्च 2026: झारखंड के पिछड़ा वर्ग के छात्र-छात्राओं के लिए होली से पहले राहत की बड़ी खबर आई है। हेमंत सोरेन सरकार ने केंद्र से फंड के इंतजार के बिना 400 करोड़ रुपये की छात्रवृत्ति जारी करने का फैसला लिया है, जिससे राज्य के लगभग 5.5 लाख ओबीसी छात्र-छात्राएं सीधे लाभान्वित होंगे। यह राशि राज्य के बजट से जारी की जा रही है, क्योंकि केंद्र सरकार से पिछले दो वर्षों में 60:40 अनुपात का हिस्सा नहीं मिल पाया और कुल 850 करोड़ रुपये से अधिक की राशि लंबित हो गई थी।
कल्याण मंत्री चमरा लिंडा ने विधानसभा में इसकी पुष्टि करते हुए बताया कि जेएलकेएम विधायक जयराम महतो द्वारा सदन में बार-बार उठाए गए मुद्दे के बाद नियमों में शिथिलता लाने और राज्यांश से भुगतान करने का निर्णय लिया गया है। मंत्री ने कहा, “छात्रों की पढ़ाई प्रभावित न हो, इसलिए राज्य सरकार ने अपने स्तर पर यह कदम उठाया है।”
छात्रवृत्ति का बंटवारा इस प्रकार होगा:
• प्री-मैट्रिक छात्रवृत्ति (कक्षा 9-10)- 100 करोड़ रुपये
• पोस्ट-मैट्रिक छात्रवृत्ति (उच्च शिक्षा, कॉलेज स्तर)- 300 करोड़ रुपये
राशि डायरेक्ट बेनिफिट ट्रांसफर के जरिए सीधे छात्रों के बैंक खातों में ट्रांसफर की जाएगी। विभाग ने लक्ष्य रखा है कि 31 मार्च 2026 तक अधिकांश पात्र छात्रों को यह राशि मिल जाए। छात्रों से अपील की गई है कि वे ई-कल्याण पोर्टल पर अपना आधार नंबर, बैंक खाता विवरण और अन्य आवश्यक जानकारी अपडेट रखें, ताकि कोई तकनीकी समस्या न आए।
यह फैसला विधानसभा में ओबीसी छात्रवृत्ति पर हुई तीखी बहस के बाद आया, जहां विधायक जयराम महतो ने छात्रों की आर्थिक परेशानी पर गंभीर चिंता जताई थी। सरकार का कहना है कि केंद्र से बकाया राशि मिलने पर आगे की प्रक्रिया भी तेज की जाएगी, लेकिन फिलहाल छात्रों की पढ़ाई में कोई रुकावट न आए, यही प्राथमिकता है।