झारखंड में बिजली दरों में 60% तक बढ़ोतरी का प्रस्ताव, उपभोक्ताओं में आक्रोश

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रिपोर्ट: संतोष कुमार (@santoshrmg)

रांची, 20 दिसंबर 2025: झारखंड बिजली वितरण निगम लिमिटेड ने वित्तीय वर्ष 2026-27 के लिए बिजली टैरिफ में औसतन 60% तक की भारी बढ़ोतरी का प्रस्ताव झारखंड राज्य विद्युत नियामक आयोग को सौंप दिया है। इस प्रस्ताव से घरेलू, व्यावसायिक, औद्योगिक और कृषि उपभोक्ताओं पर बड़ा बोझ पड़ने की आशंका है।

प्रस्ताव के अनुसार:

• घरेलू उपभोक्ता (शहरी): वर्तमान 6.85 रुपये प्रति यूनिट से बढ़ाकर 10.30 रुपये प्रति यूनिट।

• घरेलू उपभोक्ता (ग्रामीण): 6.70 रुपये से बढ़ाकर 10.20 रुपये प्रति यूनिट।

• फिक्स्ड चार्ज भी बढ़ाए गए: ग्रामीण में 75 से 125 रुपये और शहरी में 100 से 150 रुपये प्रतिमाह।

• औद्योगिक और कृषि सिंचाई श्रेणी में भी 50-60% तक की वृद्धि प्रस्तावित।

झारखंड बिजली वितरण निगम लिमिटेड ने इस बढ़ोतरी का कारण बढ़ती बिजली खरीद लागत बताया, जो 2026-27 में 8726 करोड़ रुपये से अधिक होने का अनुमान है। निगम की वार्षिक राजस्व आवश्यकता में भी भारी वृद्धि का अनुमान लगाया गया है। यह प्रस्ताव मल्टी-ईयर टैरिफ का हिस्सा है, जो 2026-27 से 2030-31 तक लागू रहेगा।

प्रस्ताव पर राजनीतिक और सामाजिक विरोध शुरू हो गया है। भाजपा ने इसे जनविरोधी करार देते हुए आंदोलन की चेतावनी दी है। उपभोक्ता संगठनों का कहना है कि बिजली आपूर्ति की गुणवत्ता में सुधार नहीं होने के बावजूद इतनी बड़ी बढ़ोतरी अन्यायपूर्ण है।

झारखंड राज्य विद्युत नियामक आयोग ने पब्लिक नोटिस जारी कर उपभोक्ताओं से आपत्तियां और सुझाव मांगे हैं। जन सुनवाई जल्द आयोजित की जाएगी, जिसके बाद अंतिम फैसला लिया जाएगा। ध्यान रहे, पिछले वर्षों में झारखंड राज्य विद्युत नियामक आयोग  ने झारखंड बिजली वितरण निगम लिमिटेड के बड़े प्रस्तावों को काफी कम करके मंजूरी दी थी।

उपभोक्ता अपनी आपत्ति झारखंड राज्य विद्युत नियामक आयोग की वेबसाइट (jserc.org) या झारखंड बिजली वितरण निगम लिमिटेड की साइट (jbvnl.co.in) पर दर्ज करा सकते हैं।

यह बढ़ोतरी लागू होने पर आम आदमी की जेब पर भारी असर पड़ेगा, खासकर ठंड के मौसम में बिजली खपत बढ़ने के समय।