रिपोर्ट: संतोष कुमार (@santoshrmg)
रांची, 18 दिसंबर 2025: झारखंड के बहुचर्चित शराब घोटाला मामले में नया मोड़ आ गया है। रामगढ़ के वर्तमान उपायुक्त और पूर्व उत्पाद आयुक्त फैज अक अहमद मुमताज ने बुधवार को एंटी करप्शन ब्यूरो कोर्ट की अनुमति से न्यायिक मजिस्ट्रेट के समक्ष अपना गोपनीय बयान दर्ज कराया। सूत्रों के अनुसार, इस बयान में उन्होंने निलंबित आईएएस अधिकारी विनय कुमार चौबे की केंद्रीय भूमिका सहित कई चौंकाने वाले खुलासे किए हैं।
बयान सीलबंद लिफाफे में कोर्ट को सौंप दिया गया है। यह बयान पूर्व उत्पाद आयुक्त आईएएस अमित कुमार (15 दिसंबर) और जमशेदपुर डीसी कर्ण सत्यार्थी (16 दिसंबर) के बयानों के बाद दर्ज किया गया, जिससे मुख्य आरोपी विनय चौबे की मुश्किलें और बढ़ गई हैं। विनय चौबे वर्तमान में जेल में हैं और उन पर प्लेसमेंट एजेंसियों को फर्जी बैंक गारंटी के आधार पर अनियमित भुगतान कराने के आरोप हैं।
यह मामला शराब ठेकों की प्लेसमेंट एजेंसियों से जुड़े फर्जीवाड़े और करोड़ों रुपये के अनियमित भुगतान से संबंधित है, जिसमें राज्य सरकार को भारी नुकसान हुआ। एसीबी ने पहले ही विनय चौबे सहित 13 लोगों के खिलाफ प्राथमिकी दर्ज की है।
एसीबी सूत्रों का कहना है कि फैज अक अहमद का बयान जांच के लिए महत्वपूर्ण सबूत साबित हो सकता है। मामले की आगे की सुनवाई में इन बयानों का बड़ा असर पड़ने की संभावना है।