रिपोर्ट: संतोष कुमार (@santoshrmg)
रांची। झारखंड हाईकोर्ट ने राज्य में कोडीन युक्त कफ सिरप और अन्य नशीली दवाओं के बढ़ते दुरुपयोग पर कड़ा संज्ञान लिया है। मंगलवार को चीफ जस्टिस तरलोक सिंह चौहान और जस्टिस राजेश शंकर की खंडपीठ ने जनहित याचिका की सुनवाई करते हुए राज्य सरकार को तत्काल प्रभाव से सख्त निर्देश जारी किए।
अदालत ने स्पष्ट कहा कि अब झारखंड के किसी भी मेडिकल स्टोर पर डॉक्टर की वैध पर्ची के बिना कफ सिरप या कोई नशीली दवा (Schedule H, H1 एवं X दवाएं) नहीं बेची जा सकेगी। याचिकाकर्ता सुनील कुमार महतो ने अदालत को बताया कि रांची, धनबाद, जमशेदपुर सहित कई जिलों में बिना प्रिस्क्रिप्शन के खुलेआम कोडीन सिरप बिक रहा है और स्कूली बच्चे तक इसका नशे के रूप में सेवन कर रहे हैं।
खंडपीठ ने गहरी चिंता जताते हुए राज्य सरकार को दवा कंपनियों, थोक विक्रेताओं और मेडिकल दुकानों पर नियमित छापेमारी अभियान चलाने का आदेश दिया। साथ ही, दवा विक्रेताओं को हर बिक्री पर प्रिस्क्रिप्शन की कॉपी संभालकर रखने और उसकी जांच कराने को अनिवार्य किया गया है।
अदालत ने चेतावनी दी कि नियमों का उल्लंघन करने वाले दुकानदारों का लाइसेंस रद्द किया जा सकता है। कोर्ट ने सरकार से अनुपालन रिपोर्ट भी तलब की है। विशेषज्ञों ने इस फैसले को नशा मुक्ति की दिशा में क्रांतिकारी कदम बताया है।