बिहार कैबिनेट विस्तार: नीतीश 10वीं बार CM, 27 मंत्रियों ने ली शपथ; देखें पूरी लिस्ट

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रिपोर्ट: संतोष कुमार (@santoshrmg)

पटना, 20 नवंबर 2025: बिहार में एनडीए की नई सरकार ने आज पूर्ण रूप से आकार ले लिया। गांधी मैदान में आयोजित भव्य शपथ ग्रहण समारोह में जनता दल (यूनाइटेड) के सर्वमान्य नेता नीतीश कुमार ने लगातार 10वीं बार मुख्यमंत्री पद की शपथ ली। राज्यपाल राजेंद्र विश्वनाथ आर्लेकर ने नीतीश कुमार सहित कुल 27 मंत्रियों को पद और गोपनी 27 मंत्रियों ने शपथ ली।

शपथ लेने वालों में दो उपमुख्यमंत्री भी शामिल हैं:

• सम्राट चौधरी (बीजेपी)

• विजय कुमार सिन्हा (बीजेपी)

पार्टी के हिसाब से मंत्रियों की संख्या

• भारतीय जनता पार्टी (BJP) : 14 मंत्री

• जनता दल (यूनाइटेड) : 11 मंत्री (मुख्यमंत्री सहित)

• लोक जनशक्ति पार्टी (रामविलास) : 2 मंत्री

• हिंदुस्तानी अवाम मोर्चा (HAM) : 1 मंत्री

• राष्ट्रीय लोक मोर्चा : 1 मंत्री

प्रमुख नए चेहरे

• रामकृपाल यादव (केंद्रीय मंत्री रह चुके)

• श्रेयसी सिंह (ओलंपियन निशानेबाज)

• नितिन नवीन, दिलीप जायसवाल, संजय सिंह टाइगर (बीजेपी)

• जामा खान, सुनील कुमार (जदयू)

पार्टीवार पूरी सूची:-

बीजेपी (14)

सम्राट चौधरी, विजय कुमार सिन्हा, मंगल पांडेय, दिलीप जायसवाल, नीतिन नवीन, रामकृपाल यादव, संजय सिंह टाइगर, अरुण शंकर प्रसाद, सुरेंद्र मेहता, नारायण प्रसाद, रमा निषाद, लाखेंद्र रौशन, श्रेयसी सिंह, प्रमोद कुमार

जदयू (11)

नीतीश कुमार (मुख्यमंत्री), विजय कुमार चौधरी, विजेंद्र यादव, श्रवण कुमार, लेशी सिंह, आशीष चौधरी, मदन साहनी, सुनील कुमार, मोहम्मद जामा खान, संजय झा, जयंत राज

एलजेपी (रामविलास) (2)

संजय पासवान, संजय कुमार सिंह

हम (1)

संतोष कुमार सुमन

राष्ट्रीय लोक मोर्चा (1)

दीपक प्रकाश

शपथ ग्रहण समारोह में प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी, गृह मंत्री अमित शाह, रक्षा मंत्री राजनाथ सिंह सहित कई केंद्रीय मंत्री और एनडीए शासित राज्यों के मुख्यमंत्री मौजूद रहे।

मंत्रियों को विभागों का आवंटन कल या परसों तक होने की संभावना है। सूत्रों के मुताबिक गृह और वित्त जैसे बड़े विभागों पर बीजेपी और जदयू के बीच अभी अंतिम सहमति बननी बाकी है।

बिहार में यह नई सरकार 2025 विधानसभा चुनाव में प्रचंड बहुमत के साथ सत्ता में आई है। जनता ने एक बार फिर नीतीश कुमार पर भरोसा जताया है। अब सभी की नजरें इस बात पर हैं कि नई कैबिनेट विकास और सुशासन के अपने पुराने वादों को कितनी तेजी से पूरा करती है।