रिपोर्ट: संतोष कुमार (@santoshrmg)
“संस्थाओं को बदनाम करना बंद करें, सबूत हैं तो कोर्ट में पेश करें”
नई दिल्ली, 19 नवंबर 2025: देश के 272 प्रतिष्ठित पूर्व अधिकारियों ने कांग्रेस नेता राहुल गांधी को खुला पत्र लिखकर तीखी आलोचना की है। इनमें 16 रिटायर्ड जज, 123 पूर्व नौकरशाह (14 पूर्व राजदूत सहित) और 133 रिटायर्ड सशस्त्र बल अधिकारी शामिल हैं। पत्र में राहुल पर चुनाव आयोग, न्यायपालिका और सेना जैसी संवैधानिक संस्थाओं को लगातार बदनाम करने का आरोप लगाया गया है।
पत्र में कहा गया है कि हरियाणा, महाराष्ट्र, झारखंड और अब बिहार चुनावों में हार के बाद राहुल गांधी “वोट चोरी”, “25 लाख फर्जी वोटर” और “ईवीएम हैकिंग” जैसे गंभीर आरोप लगा रहे हैं, लेकिन एक भी ठोस सबूत पेश नहीं कर रहे। चुनाव आयोग को “बीजेपी की बी-टीम” बताना और जीतने पर उसी आयोग की तारीफ करना दोहरा चरित्र दर्शाता है।
लेखकों ने स्पष्ट किया कि बिहार-हरियाणा में वोटर लिस्ट का स्पेशल इंटेंसिव रिवीजन सुप्रीम कोर्ट व हाईकोर्ट की निगरानी में हुआ था। लाखों डुप्लिकेट व मृत वोटर हटाए गए और नए जोड़े गए- यह सामान्य प्रशासनिक प्रक्रिया है, इसे “वोट चोरी” बताना जनता को गुमराह करना है।
पूर्व जज जस्टिस ए.के. गोयल, जस्टिस एस.एन. धिंगरा, पूर्व रॉ चीफ संजीव त्रिपाठी, पूर्व एनआईए डीजी योगेश चंदर मोदी, लेफ्टिनेंट जनरल (रिटा.) डॉ. वाई.के. जोशी समेत कई दिग्गजों ने हस्ताक्षर किए हैं।
पत्र में चेतावनी दी गई है कि नीतिगत मुद्दों पर बहस करने की बजाय संस्थाओं पर हमला करके विपक्ष लोकतंत्र को अंदर से खोखला कर रहा है। यदि सबूत हैं तो अदालत में शपथ-पत्र दाखिल करें, सड़क और सोशल मीडिया पर विषैली बयानबाजी बंद करें।
चुनाव आयोग ने भी राहुल को पहले खुली चुनौती दी थी कि फर्जी वोटरों के नाम बताएं। अभी तक कोई जवाब नहीं आया। पत्र की प्रतियां राष्ट्रपति, प्रधानमंत्री और मुख्य न्यायाधीश को भी भेजी गई हैं।