पतरातू के तालाटांड़ में जागरूकता कार्यक्रम आयोजित, 110 से अधिक कारीगरों ने लिया भाग
रामगढ़, 28 अक्टूबर: सूक्ष्म, लघु एवं मध्यम उद्यम मंत्रालय, भारत सरकार के एमएसएमई विकास कार्यालय, रांची की ओर से मंगलवार को पतरातू प्रखंड के तालाटांड़ पंचायत भवन में पीएम विश्वकर्मा योजना के लाभार्थियों के लिए जागरूकता कार्यक्रम आयोजित किया गया। कार्यक्रम में 110 से अधिक कारीगरों एवं शिल्पकारों ने भाग लिया। इसका उद्देश्य पारंपरिक कारीगरों के उत्पादों की ब्रांडिंग, प्रचार-प्रसार और विपणन को बढ़ावा देना तथा उन्हें डिजिटल बाजार से जोड़ना था।
कार्यक्रम का शुभारंभ अतिथियों ने दीप प्रज्वलित कर किया। कार्यक्रम समन्वयक एवं एमएसएमई विकास कार्यालय, रांची के सहायक निदेशक गौरव ने अतिथियों का स्वागत करते हुए योजना के उद्देश्यों की जानकारी दी। उन्होंने कहा कि डिजिटल माध्यमों के जरिए कारीगर अपने उत्पादों को व्यापक पहचान दिला सकते हैं और बिक्री के नए अवसर प्राप्त कर सकते हैं।
जिला उद्यमी समन्वयक अंजन बाड़ा ने राज्य सरकार की एमएसएमई एवं उद्यमिता संबंधी योजनाओं की जानकारी दी। वहीं, इंडिया पोस्ट पेमेंट्स बैंक, पतरातू के अमित कुमार ने डिजिटल भुगतान और क्यूआर कोड के उपयोग के बारे में बताया। इस दौरान 12 लाभार्थियों के लिए क्यूआर कोड तैयार कर उपलब्ध कराए गए।
बैंक ऑफ इंडिया के सुरेंद्र कुमार ओझा और सेंट्रल बैंक ऑफ इंडिया, पतरातू के अविनाश कुमार मुर्मू ने बैंकिंग सुविधाओं, ऋण प्राप्त करने की प्रक्रिया तथा वित्तीय सहायता से व्यवसाय को आगे बढ़ाने के तरीकों की जानकारी दी।
GeM के बिजनेस फैसिलिटेटर सुबोध कांत ने ऑनलाइन माध्यम से सरकारी ई-मार्केटप्लेस (GeM) पोर्टल पर पंजीकरण एवं ऑनबोर्डिंग की प्रक्रिया समझाई। उन्होंने बताया कि इसके माध्यम से कारीगर सरकारी खरीद बाजार तक अपने उत्पाद पहुंचाने के अवसर तलाश सकते हैं।
रामगढ़ इंजीनियरिंग कॉलेज के कंप्यूटर साइंस विभागाध्यक्ष प्रो. असीम कुमार ने उत्पादों के डिजाइन, नवाचार, प्रचार सामग्री तैयार करने तथा व्यवसाय के विस्तार में आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस (AI) और ChatGPT जैसी तकनीकों की उपयोगिता बताई। वहीं, सभ्याशा रिटेल टेक प्राइवेट लिमिटेड के संस्थापक एवं सीईओ शशांक शेखर पात्रो ने डिजिटल मार्केटिंग और ऑनलाइन प्लेटफॉर्म के प्रभावी इस्तेमाल की जानकारी दी।
कार्यक्रम में मुखिया रिखन देवी ने कारीगरों से अपने पारंपरिक हुनर को व्यावसायिक अवसरों में बदलने तथा सरकारी योजनाओं का लाभ उठाने की अपील की। मुख्य अतिथि एवं रामगढ़ के अग्रणी जिला प्रबंधक देवनारायण उराँव ने बैंकिंग औपचारिकताओं, ऋण प्रक्रिया और उपलब्ध वित्तीय सहायता की जानकारी देते हुए कारीगरों को आर्थिक रूप से आत्मनिर्भर बनने के लिए प्रोत्साहित किया।
कार्यक्रम के सफल आयोजन में एमएसएमई विकास कार्यालय, रांची के आशुलिपिक येशमेंद्र कुमार ने सहयोग किया। कार्यक्रम के माध्यम से कारीगरों को डिजिटल भुगतान, ऑनलाइन विपणन, बैंकिंग सुविधाओं और आधुनिक तकनीकों के उपयोग के प्रति जागरूक किया गया।