उरीमारी में हुई घटना, हत्या, आत्महत्या और हादसे समेत विभिन्न पहलुओं पर पुलिस कर रही जांच; एफएसएल टीम ने जुटाए साक्ष्य।
हजारीबाग, 23 अक्टूबर: झारखंड के हजारीबाग जिले में झारखंड मुक्ति मोर्चा के जिलाध्यक्ष संजीव बेदिया के अंगरक्षक निरंजन महतो की गोली लगने से संदिग्ध परिस्थितियों में मौत हो गई। घटना गुरुवार, 22 अक्टूबर को बड़कागांव थाना क्षेत्र के उरीमारी में हुई। निरंजन महतो झारखंड पुलिस में सिपाही के पद पर कार्यरत थे और जिलाध्यक्ष के अंगरक्षक के रूप में तैनात थे। घटना के बाद पुलिस महकमे में हलचल मच गई है।
प्राप्त जानकारी के अनुसार, निरंजन महतो का शव उरीमारी स्थित एक बंद कमरे से बरामद किया गया। घटना की सूचना मिलने के बाद स्थानीय पुलिस मौके पर पहुंची और जांच शुरू की। मामले की गंभीरता को देखते हुए फॉरेंसिक साइंस लैब की टीम को भी घटनास्थल पर बुलाया गया। टीम ने मौके से साक्ष्य जुटाए, ताकि गोली चलने की परिस्थितियों और मौत के वास्तविक कारणों का पता लगाया जा सके।
पुलिस इस मामले में हत्या, आत्महत्या और हथियार से जुड़ी संभावित दुर्घटना समेत सभी पहलुओं की जांच कर रही है। शुरुआती जानकारी में हथियार की सफाई के दौरान गोली चलने की आशंका भी जताई गई है। हालांकि, घटना के पीछे की वास्तविक वजह की आधिकारिक पुष्टि अभी नहीं हुई है। पोस्टमार्टम और फॉरेंसिक जांच की रिपोर्ट से मामले में महत्वपूर्ण जानकारी सामने आने की उम्मीद है।
फिलहाल पुलिस घटनास्थल से मिले साक्ष्यों और अन्य तथ्यों के आधार पर जांच आगे बढ़ा रही है। निरंजन महतो की मौत किन परिस्थितियों में हुई, इसका स्पष्ट खुलासा जांच पूरी होने के बाद ही हो सकेगा।