22 अक्टूबर तक नोटिस से जुड़े मामलों के निष्पादन का लक्ष्य, 23 नवंबर तक दावे-आपत्तियों का निपटारा
रांची। झारखंड में मतदाता सूची के विशेष गहन पुनरीक की प्रक्रिया तेज कर दी गई है। भारत निर्वाचन आयोग ने पुनरीक्षण की समय-सीमा बढ़ाते हुए अंतिम मतदाता सूची के प्रकाशन की तारीख 30 नवंबर 2026 निर्धारित की है। राज्य के मुख्य निर्वाचन पदाधिकारी के. रवि कुमार ने सभी जिला निर्वाचन पदाधिकारियों को निर्धारित समय-सीमा के भीतर लंबित कार्य पूरा करने का निर्देश दिया है।
पुनरीक्षण के तहत मतदाता सूची में नामों का सत्यापन, दस्तावेजों से संबंधित मामलों की सुनवाई और दावे-आपत्तियों का निष्पादन किया जा रहा है। निर्धारित कार्यक्रम के अनुसार, गैर-मैपिंग और तार्किक विसंगतियों से जुड़े मामलों में पहली एवं दूसरी सुनवाई का निष्पादन 22 अक्टूबर तक करना है। वहीं, सभी दावे-आपत्तियों के निपटारे की अंतिम तिथि 23 नवंबर तय की गई है। इसके बाद 24 से 29 नवंबर तक मतदाता सूची के विभिन्न मानकों की जांच होगी और 30 नवंबर को अंतिम सूची प्रकाशित की जाएगी।
निर्वाचन विभाग के आंकड़ों के अनुसार, 17 अक्टूबर तक झारखंड में मतदाता सूची पुनरीक्षण से संबंधित चार श्रेणियों के कुल 14,01,009 आवेदन डिजिटल किए जा चुके थे। इनमें नए मतदाताओं के पंजीकरण के लिए फॉर्म-6 के 8,43,064 आवेदन शामिल थे। नाम हटाने या आपत्ति से संबंधित फॉर्म-7 के 21,958 और विवरण में सुधार अथवा स्थानांतरण से जुड़े फॉर्म-8 के 5,35,868 आवेदन दर्ज किए गए थे।
मुख्य निर्वाचन पदाधिकारी के. रवि कुमार ने अधिकारियों को निर्देश दिया है कि आवश्यक दस्तावेज जमा करने में परेशानी झेल रहे पात्र नागरिकों की पहचान कर उन्हें सहायता उपलब्ध कराई जाए। दो बार नोटिस और सुनवाई के बाद भी दस्तावेज जमा नहीं करने वाले मतदाताओं की बूथवार सूची तैयार करने का भी निर्देश दिया गया है। यह सूची नवंबर के पहले सप्ताह में संबंधित मतदान केंद्रों पर प्रदर्शित करने की योजना है।
निर्वाचन विभाग की ओर से मतदाताओं को सलाह दी गई है कि वे मतदाता सूची में अपना नाम, पता और अन्य विवरण जांच लें। नए मतदाता पंजीकरण के लिए फॉर्म-6 तथा नाम, विवरण या पते में सुधार के लिए फॉर्म-8 का उपयोग किया जा सकता है।
पुनरीक्षण की प्रक्रिया का उद्देश्य मतदाता सूची को अद्यतन करना और पात्र नागरिकों का नाम शामिल करना है। मतदाताओं को सलाह है कि वे किसी भी विसंगति की स्थिति में अपने बूथ स्तरीय अधिकारी या संबंधित निर्वाचन कार्यालय से संपर्क करें।