सीजेपी के सौरव दास और आशुतोष रांका की न्यायिक हिरासत दो दिन बढ़ी, 21 अक्टूबर को अगली सुनवाई

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जंतर-मंतर पर प्रतिबंध के बावजूद प्रवेश कर प्रदर्शन करने का आरोप, दिल्ली पुलिस ने हिरासत बढ़ाने की मांग की

नई दिल्ली, 20 अक्टूबर: कॉकरोच जनता पार्टी के सह-संयोजक सौरव दास और आशुतोष रांका की न्यायिक हिरासत दो दिन के लिए और बढ़ा दी गई है। सोमवार, 19 अक्टूबर को दोनों को दिल्ली के मंदिर मार्ग थाने में विशेष कार्यकारी मजिस्ट्रेट के समक्ष पेश किया गया। दिल्ली पुलिस ने उनकी हिरासत बढ़ाने की मांग की, जिसे स्वीकार करते हुए मजिस्ट्रेट ने उन्हें 21 अक्टूबर तक न्यायिक हिरासत में रखने का आदेश दिया। मामले की अगली सुनवाई भी 21 अक्टूबर को निर्धारित है।

प्राप्त जानकारी के अनुसार, दोनों नेताओं को 13 अक्टूबर को जंतर-मंतर पर हुए प्रदर्शन के सिलसिले में हिरासत में लिया गया था। आरोप है कि जंतर-मंतर को निर्धारित प्रदर्शन स्थल की सूची से हटाए जाने के बाद दोनों अन्य कार्यकर्ताओं के साथ बंद गेट को पार कर परिसर में दाखिल हुए थे। वहां राष्ट्रीय ध्वज प्रदर्शित कर मुख्य चुनाव आयुक्त ज्ञानेश कुमार के खिलाफ नारेबाजी की गई थी।

इसके बाद दोनों को निवारक कार्रवाई के तहत हिरासत में लेकर 14 अक्टूबर को पांच दिनों की न्यायिक हिरासत में भेजा गया था। हिरासत की अवधि समाप्त होने पर सोमवार को उन्हें दोबारा मजिस्ट्रेट के सामने पेश किया गया।

सुनवाई के दौरान दिल्ली पुलिस ने आशंका जताई कि रिहा होने पर दोनों नेता दोबारा प्रदर्शन कर सकते हैं और सार्वजनिक शांति भंग होने की स्थिति उत्पन्न हो सकती है। पुलिस ने हिरासत को आगे बढ़ाने की मांग की, जबकि बचाव पक्ष ने दोनों की रिहाई की अपील की।

सीजेपी की कानूनी टीम ने जमानत संबंधी दस्तावेज प्रस्तुत करते हुए रिहाई की मांग की। वहीं, जमानतदारों की पात्रता और दस्तावेजों में कथित विसंगतियों को लेकर भी सुनवाई के दौरान सवाल उठे।

पार्टी की ओर से आरोप लगाया गया कि जमानत प्रक्रिया में देरी की जा रही है। हालांकि, हिरासत बढ़ाने का आदेश मजिस्ट्रेट ने पुलिस की ओर से प्रस्तुत दलीलों और मामले से जुड़ी परिस्थितियों पर विचार करने के बाद दिया।

अब दोनों नेताओं की नजर 21 अक्टूबर को होने वाली अगली सुनवाई पर है।