नई दिल्ली, 12 अक्टूबर: कॉकरोच जनता पार्टी के संस्थापक अभिजीत दिपके और उनके दो साथियों को दिल्ली की कार्यकारी मजिस्ट्रेट अदालत ने एक साल तक शांति एवं अच्छा व्यवहार बनाए रखने की शर्त पर रिहा कर दिया है। तीनों को 50-50 हजार रुपये का बॉन्ड भरने के बाद रिहाई मिली। इस कार्रवाई के बाद दिल्ली में प्रस्तावित विरोध-प्रदर्शन को लेकर राजनीतिक सरगर्मी तेज हो गई है।
प्राप्त जानकारी के अनुसार, अभिजीत दिपके, सौरव दास और आशुतोष रांका को 10 अक्टूबर को दिल्ली में मुख्य चुनाव आयुक्त ज्ञानेश कुमार के इस्तीफे की मांग को लेकर होने वाले प्रदर्शन से पहले हिरासत में लिया गया था। दिल्ली पुलिस ने उनके खिलाफ भारतीय नागरिक सुरक्षा संहिता (BNSS) की धारा 126 और 170 के तहत एहतियाती कार्रवाई की थी।
रविवार, 11 अक्टूबर को तीनों को दिल्ली कैंट स्थित कार्यकारी मजिस्ट्रेट की अदालत में पेश किया गया। पुलिस के अनुसार, एक वर्ष तक शांति बनाए रखने और अच्छे आचरण की शर्त पर 50-50 हजार रुपये का बॉन्ड भरवाने के बाद उन्हें रिहा कर दिया गया।
रिहाई के बाद अभिजीत दिपके ने सोशल मीडिया पर दावा किया कि उन्होंने ऐसा कोई बॉन्ड हस्ताक्षर नहीं किया है, जिसमें प्रदर्शन नहीं करने की शर्त हो। उन्होंने आंदोलन जारी रखने और फिर से सड़कों पर उतरने की बात कही।
गौरतलब है कि CJP और अन्य विपक्षी समूह मतदाता सूची के विशेष गहन पुनरीक्षण में कथित अनियमितताओं को लेकर मुख्य चुनाव आयुक्त ज्ञानेश कुमार के इस्तीफे की मांग कर रहे हैं। इस मुद्दे पर दिल्ली में विरोध-प्रदर्शन और पुलिस की कार्रवाई को लेकर राजनीतिक विवाद जारी है।