पितृ पक्ष का आज होगा समापन, महालया पर पूर्वजों को तर्पण-श्राद्ध; कल से शारदीय नवरात्र

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नई दिल्ली/रांची, 10 अक्टूबर:  पितृ पक्ष का समापन आज शनिवार को सर्वपितृ अमावस्या के अवसर पर होगा। इस दिन महालया भी मनाया जाएगा। हिंदू धर्म में इस तिथि का विशेष महत्व है। श्रद्धालु अपने पितरों की आत्मा की शांति और उनके प्रति श्रद्धा व्यक्त करने के लिए तर्पण, श्राद्ध, पिंडदान और दान-पुण्य जैसे धार्मिक अनुष्ठान करेंगे।

धार्मिक मान्यताओं के अनुसार, सर्वपितृ अमावस्या उन पूर्वजों के श्राद्ध के लिए विशेष मानी जाती है, जिनकी मृत्यु तिथि ज्ञात नहीं है या जिनका श्राद्ध किसी कारणवश निर्धारित तिथि पर नहीं हो सका। इस दिन पितरों का स्मरण कर परिवार की सुख-समृद्धि और शांति की कामना की जाती है।

पितृ पक्ष की समाप्ति के साथ ही रविवार से शारदीय नवरात्र की शुरुआत होगी। नवरात्र के पहले दिन मां शैलपुत्री की पूजा-अर्चना की जाएगी और श्रद्धालु विधि-विधान से कलश स्थापना कर नौ दिनों तक मां दुर्गा के विभिन्न स्वरूपों की आराधना करेंगे। मंदिरों और घरों में पूजा की तैयारियां शुरू हो गई हैं।

इस प्रकार शनिवार को पितरों के प्रति श्रद्धा और तर्पण का पर्व संपन्न होगा, जबकि रविवार से मां दुर्गा की उपासना और शक्ति की आराधना का नौ दिवसीय पर्व शुरू होगा। विजयादशमी 20 अक्टूबर को मनाई जाएगी।