रांची, 02 अक्टूबर: झारखंड में JPSC और JSSC-CGL परीक्षाओं में कथित अनियमितता और पेपर लीक से जुड़े मामलों की जांच में CID की विशेष जांच टीम (SIT) की कार्रवाई तेज हो गई है। ताजा रिपोर्ट के अनुसार, JSSC-CGL परीक्षा के करीब 500 सफल अभ्यर्थियों के बयान दर्ज किए जा चुके हैं। जांच टीम परीक्षा में सफल अभ्यर्थियों से फॉर्म भरने से लेकर परीक्षा में शामिल होने और परिणाम जारी होने तक की पूरी प्रक्रिया की जानकारी जुटा रही है।
जांच के दौरान अभ्यर्थियों से कथित पेपर लीक, परीक्षा में अनुचित लाभ और संदिग्ध वित्तीय लेन-देन से संबंधित जानकारी भी ली जा रही है। जिन अभ्यर्थियों के संबंध में जांच टीम को पर्याप्त साक्ष्य मिल रहे हैं, उनके खिलाफ आगे की कानूनी कार्रवाई की जा रही है। सितंबर के अंत तक मामले में 20 आरोपितों की गिरफ्तारी की रिपोर्ट सामने आई थी, जिनमें सफल अभ्यर्थी भी शामिल हैं।
CID की SIT ने परीक्षा संचालन से जुड़ी ICN एजेंसी के गिरफ्तार कर्मियों सोमांश प्रकाश और राहुल से भी पूछताछ की है। जांच टीम एजेंसी के संचालक मिथिलेश सिंह के ठिकानों और कथित नेटवर्क से जुड़े लोगों के बारे में जानकारी जुटा रही है।
इससे पहले सितंबर में CID करीब 390 सफल अभ्यर्थियों से पूछताछ कर चुकी थी। जांच में जिन अभ्यर्थियों के खिलाफ वित्तीय लेन-देन या पेपर लीक से जुड़े साक्ष्य मिलने की बात सामने आई, उन्हें मामले में आरोपित बनाया गया।
वहीं, JPSC परीक्षा से जुड़े मामले में भी CID की जांच जारी है। अगस्त में सामने आई रिपोर्ट के मुताबिक JPSC प्रारंभिक परीक्षा के 454 सफल अभ्यर्थियों ने अपनी OMR शीट CID को उपलब्ध नहीं कराई थी और जांच एजेंसी ने ऐसे अभ्यर्थियों से पूछताछ की प्रक्रिया शुरू करने की बात कही थी।
इस तरह JPSC और JSSC-CGL दोनों मामलों में जांच का फोकस अब केवल परीक्षा संचालन तक सीमित नहीं रहकर सफल अभ्यर्थियों, परीक्षा एजेंसियों और कथित बिचौलिया नेटवर्क तक पहुंच गया है। जांच एजेंसी के सामने अब पूरे नेटवर्क की भूमिका और प्रत्येक संदिग्ध के खिलाफ उपलब्ध साक्ष्यों का सत्यापन प्रमुख बिंदु है।