रामगढ़, 19 सितंबर: विश्व ओजोन दिवस 2026 के अवसर पर राधा गोविन्द विश्वविद्यालय के रसायन विज्ञान विभाग की ओर से विश्वविद्यालय परिसर में विशेष जागरूकता कार्यक्रम का आयोजन किया गया। कार्यक्रम का उद्देश्य विद्यार्थियों को ओजोन परत के महत्व, पर्यावरण संरक्षण तथा पृथ्वी के वायुमंडल को सुरक्षित रखने में प्रत्येक व्यक्ति की भूमिका के प्रति जागरूक करना था।
कार्यक्रम को संबोधित करते हुए विश्वविद्यालय के कुलाधिपति बी. एन. शाह ने सभी को विश्व ओजोन दिवस की शुभकामनाएं दीं। उन्होंने कहा कि विद्यार्थियों में पर्यावरण के प्रति जागरूकता सुरक्षित और स्वस्थ भविष्य की नींव है। उन्होंने पर्यावरण संरक्षण को लेकर विद्यार्थियों से सक्रिय भूमिका निभाने का आह्वान किया।
कार्यक्रम के दौरान वक्ताओं ने ओजोन परत के महत्व पर प्रकाश डालते हुए बताया कि यह पृथ्वी के लिए प्राकृतिक सुरक्षा कवच का कार्य करती है। ओजोन परत सूर्य से आने वाली हानिकारक पराबैंगनी किरणों के बड़े हिस्से को अवशोषित कर पृथ्वी पर जीवन की रक्षा करती है। इसके कमजोर होने से मानव स्वास्थ्य के साथ-साथ पेड़-पौधों, जीव-जंतुओं और संपूर्ण पारिस्थितिकी तंत्र पर प्रतिकूल प्रभाव पड़ सकता है।
रसायन विज्ञान विभागाध्यक्ष डॉ. सौरभ कुमार ने कहा कि ओजोन परत की रक्षा केवल पर्यावरण की सुरक्षा नहीं, बल्कि पृथ्वी पर जीवन की सुरक्षा से जुड़ा विषय है। उन्होंने विद्यार्थियों से पर्यावरण संरक्षण के प्रति जिम्मेदार व्यवहार अपनाने और समाज में जागरूकता फैलाने की अपील की।
कार्यक्रम में विद्यार्थियों को ओजोन परत के संरक्षण, पर्यावरण संतुलन और जलवायु परिवर्तन जैसे महत्वपूर्ण विषयों की जानकारी दी गई। साथ ही उन्हें स्वयं जागरूक होने तथा आसपास के लोगों को भी पर्यावरण संरक्षण के लिए प्रेरित करने का संदेश दिया गया।
इस अवसर पर विश्वविद्यालय की सचिव प्रियंका कुमारी, कुलपति प्रो. (डॉ.) रश्मि, कुलसचिव प्रो. (डॉ.) निर्मल कुमार मंडल, वित्त एवं लेखा पदाधिकारी डॉ. संजय कुमार, परीक्षा नियंत्रक प्रो. (डॉ.) अशोक कुमार, प्रबंध समिति सदस्य अजय कुमार, रसायन विज्ञान विभाग के शिक्षक-शिक्षिकाएं एवं छात्र-छात्राएं उपस्थित थे। कार्यक्रम के अंत में अतिथियों, शिक्षकों और विद्यार्थियों ने पर्यावरण संरक्षण तथा ओजोन परत की सुरक्षा के प्रति अपनी जिम्मेदारी निभाने का संकल्प लिया।